क्या आपको भी बार-बार आते हैं बुरे सपने? सोने से पहले करें श्री रामचरितमानस की इन चौपाइयों का पाठ
बुरे सपनों से परेशान लोग सोने से पहले रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों का पाठ कर सकते हैं। ये चौपाइयां भय और बुरी शक्तियों से मुक्ति दिलाकर अच्छी नींद पाने में मदद करेंगी।

बुरे सपनों से पाएं मुक्ति: रात में सोने से पहले पढ़ें रामचरितमानस की ये चौपाइयां (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कई बार रात के समय आपकी नींद किसी बुरे सपने से टूट जाती है। ऐसा भी होता है कि यह सपना आपको इतना परेशान कर देता है कि आपका मन किसी भी काम में नहीं लगता है।
सपने कई बार आपको इतना द्वारा सकते हैं कि आप इस चिंता में डूब जाते हैं कि कहीं यह भविष्य के लिए कोई संकेत तो नहीं है। अगर आपको भी बार-बार ऐसा कोई सपना आता है जो आपको जरूरत से ज्यादा बेचैन कर देता है तो आप सोने से पहले रामचरित मानस की कुछ चौपाइयों का पाठ कर सकते हैं।
इस महान ग्रंथ में कुछ ऐसी बातें लिखी हैं जो व्यक्ति को किसी भी परेशानी से बाहर निकलने का साहस देती हैं। आइए आपको बताते हैं कि बुरे सपनों से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए और किन चौपाइयों का पाठ करना चाहिए।
बुरे सपनों से बचने के लिए श्री रामचरितमानस की चौपाइयां
चौपाई-1 भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै।।
नासै रोग हरे सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।
यह चौपाई श्री रामचरित मानस में मौजूद हनुमान चालीसा से ली गई है और अगर आपको बार-बार बुरे सपने आते हैं तो आपको इस चौपाई का पाठ सोने से पहले जरूर करना चाहिए। इसके पाठ से आपको बुरे सपनों से मुक्ति तो मिलती ही है और किसी भी प्रकार का भय दूर होता है।
भावार्थ- जो व्यक्ति हनुमान जी का नाम लेता है उसके पास भूत, पिशाच या किसी भी बुरी शक्ति का वास नहीं होता है।
जो निरंतर हनुमान जी के नाम का जाप करता है, उसके सभी शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
चौपाई-2 प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन।
जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥
यह चौपाई रामचरित मानस के बालकाण्ड से ली गई है और यदि आप इसका पाठ रोज रात में सोने से पहले करेंगे तो आपको बुरे सपनों के साथ किसी भी तरह की बुरी शक्तियों से बचने में मदद मिल सकती है।
भावार्थ- मैं पवनकुमार श्री हनुमानजी को प्रणाम करता हूं, जिन्होंने दुष्ट रूपी वन को भस्म करने के लिए अग्नि का रूप लिया है, जो ज्ञान की घनमूर्ति हैं और जिनके हृदय रूपी भवन में श्री रामजी निवास करते हैं।
चौपाई-3 कहु तात अस मोर प्रनामा। सब प्रकार प्रभु पूरनकामा॥
दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी॥
यह चौपाई श्री रामचरितमानस के सुंदरकांड से ली गई है। इसके पाठ से किसी भी तरह की बाधा को दूर करने में मदद मिलती है।
अगर आपको बार-बार बुरे सपने आते हैं और इन सपनों से आपकी नींद में समस्याएं आती हैं तो डर दूर करने के लिए आपको इस चौपाई का पाठ सोने से पहले जरूर करना चाहिए।
भावार्थ: हे तात! मेरा प्रणाम निवेदन करना और इस प्रकार कहना- हे प्रभु! यद्यपि आप सब प्रकार से पूर्ण काम हैं, दीन-दुखियों पर दया करना आपका स्वभाव है। अतः उस विरद को याद करके आप मेरे इस भारी संकट को दूर कीजिए।
अगर आपको भी बार-बार बुरे सपने आते हैं और मन में अकारण भय रहता है तो सोने से पहले यहां बताई चौपाइयों का पाठ आपको डर से मुक्ति दिला सकता है।
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