सावन में घर पर रुद्राभिषेक करने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद
सावन में घर पर रुद्राभिषेक करने के लिए विशेष नियम और विधि का पालन करना जरूरी है, जिससे भोलेनाथ का आशीर्वाद मिलता है। ...और पढ़ें

सावन में घर पर रुद्राभिषेक करने के सही नियम और विधि (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क,नई दिल्ली। सावन के महीने में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है और इसके बारे में शिव पुराण में भी वर्णन किया गया है। अगर कोई भक्त घर पर रुद्राभिषेक का आयोजन करता है तो उसके जीवन में समृद्धि आती है।
इस अनुष्ठान को रुद्राभिषेक इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें रूद्र यानी शिव का जल या किसी अन्य सामग्री से अभिषेक किया जाता है।
जिस तरह अलग-अलग स्थानों पर अनुष्ठान करने से अलग तरह के फल मिलते हैं उसी तरह से जब आप घर में रुद्राभिषेक करने जा रहे हैं तो आपके लिए इसके कुछ विशेष नियमों का पालन जरूरी है। यदि आप सही नियमों के अनुसार रुद्राभिषेक करेंगे तो आपको इसके शुभ फल मिलते हैं। आइए जानें इन जरूरी नियमों और पूजा विधि के बारे में।
घर पर रुद्राभिषेक करने के नियम
अगर आप घर पर ही रुद्राभिषेक करने जा रहे हैं तो आपको कुछ विशेष नियमों का पालन करने की जरूरत होती है।
- घर रुद्राभिषेक पूजा शुरू करने से पहले ध्यान रखें कि घर का कोना-कोना तक साफ होना चाहिए और किसी भी कोने में गंदगी इकट्ठी न हो।
- जिस स्थान पर रुद्राभिषेक पूजा होने जा रही है उसे आप अच्छी तरह से साफ करें और उसमें एक साफ आसान बिछा लें।
- शिवलिंग को उत्तर दिशा की ओर रखें और खुद पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें। यदि आपको दिशा का सही ज्ञान न हो तो आप इसके बारे में पंडित से भी जानकारी ले सकते हैं।
- यदि संभव हो तो पति-पत्नी जोड़े में बैठकर शांत मन से रुद्राभिषेक करने का संकल्प लें और रुद्राभिषेक आरंभ करें।
- आपको हमेशा इस अनुष्ठान में श्रृंगी का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे निरंतर जल धारा निकलती है।
- आप इस अनुष्ठान को जल या दूध किसी से भी कर सकते हैं। ध्यान रखें कि इसके लिए जल धरा टूटनी नहीं चाहिए।
- जिस घर में रुद्राभिषेक का आयोजन हो वहां किसी भी तरह का तामसिक भोजन नहीं बनाना चाहिए और इस अनुष्ठान का आयोजन करने करने वाले जोड़े को पूजा के समापन तक उपवास रखना चाहिए।
घर पर रुद्राभिषेक करने की विधि
- जिस दिन घर में रुद्राभिषेक का आयोजन हो उस दिन प्रातः जल्दी उठें और ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को जल से स्नान कराएं। शिवलिंग के पास एक कलश की स्थापना करें।
- दाहिने हाथ की हथेली में जल लेकर अपना पूरा नाम, गोत्र और पूजा कान्यायम संकल्प मन में दोहराएं। फिर पानी को नीचे गिरा दें। जल से अभिषेक शुरू करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए स्नान कराते रहें।
- शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं और बेल पत्र चढ़ाएं। इसके साथ ही, अन्य सामग्रियां जैसे फूल, अक्षत, काले तिल, शहद आदि भी चढ़ाएं।
- रुद्राभिषेक के मंत्रों का जाप करें और पूजा के समापन के समय आरती करें।
- रुद्राभिषेक के समापन के बाद सभी भक्तों को प्रसाद बांटें और स्वयं भी ग्रहण करें।
अगर आप भी घर में रुद्राभिषेक का आयोजन कर रही हैं तो यहां बताए नियमों का पालन करें जिससे भगवान शिव का आशीर्वाद बना रहेगा।
यह भी पढ़ें- सावन में रुद्राभिषेक की सबसे शुभ तिथियां कौन सी हैं? यहां देखें पूरा कैलेंडर
यह भी पढ़ें- किस स्थान पर किया गया रुद्राभिषेक सबसे श्रेष्ठ माना जाता है? पुराणों में छिपा है इसका महत्व
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।