किस स्थान पर किया गया रुद्राभिषेक सबसे श्रेष्ठ माना जाता है? पुराणों में छिपा है इसका महत्व
सावन में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है और यह पूजा ज्योतिर्लिंग, मंदिर या घर पर की जा सकती है। ज्योतिर्लिंग ...और पढ़ें

रुद्राभिषेक कहां करें: ज्योतिर्लिंग, मंदिर या घर? जानें सबसे उत्तम स्थान और लाभ (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान विधि-विधान के साथ पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सौहार्द्र बना रहता है।
सावन में यदि कोई व्यक्ति रुद्राभिषेक का आयोजन करता है तो उसके फल भी बहुत शुभ होते हैं। रुद्राभिषेक पूजा भगवान शिव को समर्पित सबसे शक्तिशाली अनुष्ठानों में से एक है और इस दौरान पवित्र मंत्रों के जाप और शिव लिंग का अभिषेक करके भगवान शिव की दिव्य ऊर्जा का आह्वान किया जाता है।
इस अनुष्ठान को लेकर एक सवाल सभी के मन में आता है कि सबसे ज्यादा फलदायी किस स्थान पर किया गया रुद्राभिषेक होता है आमतौर पर लोग घर या मंदिर में इस पूजा का आयोजन करते हैं। आइए आपको बताते हैं सबसे फलदायी रुद्राभिषेक ज्योतिर्लिंग, मंदिर या घर किस स्थान पर करना शुभ होता है।
स्थान के आधार पर रुद्राभिषेक के फल
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषियों के अनुसार, शिवपुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में स्थान के आधार पर रुद्राभिषेक के फल की श्रेष्ठता का सुंदर वर्णन किया गया है। अलग-अलग स्थानों पर आयोजित रुद्राभिषेक का फल जीवन में अलग तरह से मिलता है।
ज्योतिर्लिंग में रुद्राभिषेक
ज्योतिर्लिंगों में किया गया रुद्राभिषेक सबसे उत्तम और कोटि-गुना फल देने वाला माना गया है, क्योंकि वहां शिवजी साक्षात प्रकट और जागृत अवस्था में निवास करते हैं। यदि कोई व्यक्ति 12 ज्योतिर्लिंगों में से किसी में भी रुद्राभिषेक करता है तो उसके ऊपर महादेव की सबसे बड़ी कृपा होती है। इस स्थान पर रुद्राभिषेक करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
तीर्थ क्षेत्र या शिवालय में रुद्राभिषेक
ऐसी मान्यता है कि किसी प्राचीन मंदिर, नदी तट मुख्य रूप से गंगा नदी के किनारे मौजूद शिव मंदिरों में किया गया रुद्राभिषेक भी विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। यदि उन मंदिरों में ब्रह्ममुहूर्त में शांति से रुद्राभिषेक किया जाता है तो इसके विशेष लाभ हो सकते हैं। यही नहीं प्राकृतिक शिवलिंग के समक्ष किया गया अभिषेक भी आपके लिए अत्यंत फलदायी होता है।
घर पर रुद्राभिषेक
यदि आप ज्योतिर्लिंग या मंदिर नहीं जा सकते हैं, तो घर पर मिट्टी के शिवलिंग बनाकर या नर्मदेश्वर शिवलिंग का पूजन करके भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है। इसके भी आपके जीवन में विशेष लाभ होते हैं और आपको सभी बाधाओं से मुक्ति भी मिल सकती है।
रुद्राभिषेक का महत्व
शास्त्रों और पुराणों की मानें तो स्थान कोई भी हो, ईश्वर केवल मन के भाव देखते हैं। निष्काम भाव और सच्ची श्रद्धा से किया गया रुद्राभिषेक चाहे घर पर हो या मंदिर में, महादेव उसे सहर्ष स्वीकार करते हैं और जीवन में उसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगते हैं।
हमेशा सही विधि और भक्ति भाव से किया गया रुद्राभिषेक पूजन मन को असीम शांति प्रदान करता है और आपको समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करता है।
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लेखक: श्री चंद्रेश शर्मा, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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