Shani Gochar 2026: शनिदेव बदल रहे हैं अपनी चाल, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपना हाल
वैदिक पंचांग के अनुसार, शनि गोचर (Shani Gochar 2026) 6 मार्च 2026 यानी आज हो रहा है। ...और पढ़ें

Shani Gochar 2026: शनि गोचर। (Ai Generated)
HighLights
शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है
शनि गोचर 6 मार्च 2026 यानी आज हो रहा है
शनि देव की पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है
धर्म डेक्स, नई दिल्ली। Shani Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है। शनि जब भी अपनी राशि बदलते हैं, तो इसका सीधा असर सभी 12 राशियों के जीवन, करियर और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इस बार शनि गोचर काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। वैदिक पंचांग के अनुसार, शनि गोचर 6 मार्च 2026 यानी आज हो रहा है। आइए जानते हैं कि किन 3 राशियों की किस्मत पलटने वाली है?
-1772781613671.jpg)
Ai Generated
इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
मेष राशि (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं होगा। लंबे समय से अटके हुए कानूनी मामले आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं। निवेश से जबरदस्त फायदा मिलने की संभावना है। वहीं, नौकरी कर रहे लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। साथ ही विदेश यात्रा के योग भी प्रबल हैं।
वृषभ राशि (Taurus)
शनि देव वृषभ राशि के स्वामी शुक्र के मित्र हैं, इसलिए इस गोचर का लाभ वृष राशि वालों को भरपूर मिलेगा। अगर आप नया स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय अच्छा है। वहीं, नया घर या वाहन खरीदने का सपना इस साल पूरा हो सकता है। साथ ही समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।
मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि वालों के लिए शनि का गोचर खुशियों की सौगात लेकर आएगा। आपकी कार्यक्षमता बढ़ेगी। छात्रों के लिए यह समय काफी शानदार रहेगा। परिवार में चल रहे मतभेद दूर होंगे और रिश्ते मजबूत होंगे।
शनि देव की कृपा पाने के अचूक उपाय
- शनिवार के दिन काली उड़द की दाल, काला कपड़ा और तिल का दान करें।
- 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का रोजाना 108 बार जाप करें।
- शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- शनि देव कर्म के देवता हैं, इसलिए जरूरतमंदों की मदद करें। इससे वे जल्द ही प्रसन्न होते हैं।
यह भी पढ़ें- Dhan Rajyog 2026: साल 2026 में बन रहा है धन राजयोग, इन राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- जब अपने ही गुरु पर शनिदेव ने डाली थी व्रक दृष्टि, धरती पर भटकने के लिए मजबूर हो गए थे कैलाशपति
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।