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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Shani Jayanti 2024: शनि जयंती पर इस विधि से करें शनि देव की पूजा, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

    Updated: Tue, 07 May 2024 11:09 AM (GMT+05:30)

    वेद और ज्योतिष शास्त्र में शनि देव की महिमा को विस्तार से बताया गया है। भगवान शनि देव को कर्मो और न्याय का फल देने वाला देवता माना गया है। हर साल वैशा ...और पढ़ें

    Shani Jayanti 2024: शनि जयंती पर इस विधि से करें शनि देव की पूजा, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी
    Shani Jayanti 2024: शनि जयंती पर इस विधि से करें शनि देव की पूजा, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

    HighLights

    1. सनातन धर्म में शनि जयंती का बेहद खास महत्व है।
    2. शनि जयंती पर दान-पुण्य जरूर करना चाहिए।
    3. शनि जयंती पर भगवान शनि देव की पूजा की जाती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Shani Jayanti 2024 Shubh Muhurat and Puja Vidhi: भगवान शनि देव को कर्मो और न्याय का फल देने वाला देवता माना गया है। हर साल वैशाख माह में शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शनि देव की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और इंसान के कष्टों को दूर करते हैं। साथ ही आर्थिक तंगी की समस्या से छुटकारा मिलता है। चलिए जानते हैं शनि जयंती पर भगवान शनि देव की पूजा किस तरह करनी चाहिए।

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    शनि जयंती 2024 शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti 2024 Shubh Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख अमावस्या तिथि की शुरुआत 07 मई को सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर होगी और इसका समापन 08 मई को सुबह 08 बजकर 51 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि का अधिक महत्व है। ऐसे में शनि जयंती का पर्व 08 मई को मनाया जाएगा।

    शनि देव पूजा विधि (Shani Dev Puja Vidhi)

    • शनि जयंती के दिन सुबह उठें और स्नान करें।
    • एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर शनि देव की मूर्ति विराजमान करें।
    • भगवान शनि को पंचामृत से स्नान करवाएं।
    • इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
    • उन्हें फूल माला अर्पित करें।
    • सरसों के तेल का दीपक जलाकर आरती करें और शनि चालीसा का पाठ भी करें।
    • शनि मंत्रों का जाप करना फलदायी होता है।
    • प्रभु को विशेष चीजों का भोग लगाएं
    • अंत में असहाय लोगों को भोजन अवश्य कराएं।

    शनि गायत्री मंत्र

    औम कृष्णांगाय विद्य्महे रविपुत्राय धीमहि तन्न: सौरि: प्रचोदयात

    इस मंत्र से शनि का प्रभाव होगा कम

    ऊं कृष्णांगाय विद्महे रविपुत्राय धीमहि तन्न: सौरि: प्रचोदयात

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    डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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