शनिवार को पीपल के नीचे सिर्फ दीपक ही नहीं, साथ में करें ये काम, चमक जाएगी सोई हुई किस्मत
शनिवार को पीपल की पूजा का बड़ा महत्व है। जब आप पूरी श्रद्धा के साथ दीपक जलाने के साथ-साथ परिक्रमा, ...और पढ़ें

Shaniwar Upay: शनिवार के उपाय। (Ai Generated)
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शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है
इस दिन पीपल की पूजा का बड़ा महत्व है
शास्त्रों में पीपल को देव वृक्ष माना गया है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। शनि देव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा को सबसे शुभ माना गया है। अक्सर लोग शनिवार की शाम पीपल के नीचे दीपक तो जलाते हैं, लेकिन कुछ विशेष कामों को करना भूल जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के नीचे दीपक जलाने के साथ-साथ अगर कुछ विशेष उपाय (Shaniwar Upay) किए जाएं, तो सोई हुई किस्मत भी चमक सकती है।

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पीपल में देवताओं का वास
अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारदः।
गन्धर्वाणां चित्ररथः सिद्धानां कपिलो मुनिः॥
शास्त्रों में पीपल को देव वृक्ष माना गया है। श्रीमद्भगवद्गीता में खुद भगवान कृष्ण ने कहा है कि 'वृक्षों में मैं पीपल हूं।' शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ-साथ शनि देव का भी वास माना जाता है। इसलिए इस दिन की गई पूजा का फल अक्षय होता है।
दीपक के साथ करें ये काम
परिक्रमा का महत्व - पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने के बाद पेड़ की सात बार परिक्रमा जरूर करें। परिक्रमा करते समय 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें। यह शनि दोष के प्रभाव को कम करता है।
जल अर्पित करना - शनिवार की सुबह तांबे के लोटे में जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, काले तिल और चीनी मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करें। माना जाता है कि इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति आती है।
काले तिल और गुड़ - दीपक जलाने के साथ-साथ पीपल की जड़ के पास थोड़े से काले तिल और गुड़ के टुकड़े रखें। यह चींटियों और छोटे जीवों के लिए भोजन का काम करता है, जो कुंडली के राहु-केतु दोष को शांत करने में मदद करता है।
हनुमान चालीसा का पाठ - शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो उनकी पूजा करेगा, उसे वह कभी परेशान नहीं करेंगे। इसलिए पीपल के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत मंगलकारी माना जाता है।
साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत
जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उन्हें शनिवार की शाम पीपल के नीचे चौमुखा दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाने के बाद पीछे मुड़कर न देखें और सीधे घर आ जाएं। इस उपाय को करने से रुके हुए काम बनने लगते हैं।
न करें ये गलती
ध्यान रखें कि रविवार के दिन पीपल के पेड़ को न छुएं। साथ ही, पीपल के सामने दीपक सूर्योदय और सूर्यास्त के समय ही जलाना फलदायी माना जाता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
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