क्या आप पर भी है शनि देव की टेढ़ी नजर? जानें महादशा और ढैय्या से राहत के अचूक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा के लक्षण और उनसे मुक्ति के अचूक उपाय बताए गए हैं। ...और पढ़ें

साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत के उपाय (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
लाभदायक माना गया है शनिवार के दिन दान करना
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के पाठ से मिलता है लाभ
शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाकर करें परिक्रमा
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को 'न्यायाधीश' और 'कर्मफलदाता' माना गया है। शनि देव कभी भी बिना कारण किसी को कष्ट नहीं देते, वह व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। यदि आपकी कुंडली में शनि की स्थिति प्रतिकूल है, तो आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सही कर्म और सटीक उपायों से आप नकारात्मक प्रभावों से बच सकते हैं।
मिलते हैं ये लक्षण
जब व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चलती है, तो उसे जीवन में कुछ संकेत मिलने लगते हैं, जो इस प्रकार हैं -
- बनते हुए कामों में अचानक रुकावट पैदा हो जाती है।
- करियर में अस्थिरता आती है और बेवजह धन खर्च होता है।
- लगातार बीमारी या पैरों की दिक्कत बनी रहती है।
- मानसिक अशांति बनी रहती है और निर्णय लेने में दिक्कत होती है।
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए करें ये दान
शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा के प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए दान-पुण्य करना विशेष लाभकारी माना गया है। इसके लिए आप शनिवार के दिन अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों व जरुरतमंद लोगों के बीच काली उड़द की दाल, काले तिल, सरसों का तेल, जूते-चप्पल या फिर काले रंग के कपड़ों का दान कर सकते हैं। इससे आपको अपनी स्थिति में लाभ देखने को मिलेगा।

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कष्टों से मुक्ति के उपाय
- यदि आप शनि के प्रकोप को कम करना चाहते हैं तो शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ जरूर करें। पौराणिक कथा के अनुसार शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वे उनके भक्तों को कभी कष्ट नहीं देंगे।
- शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 7 बार परिक्रमा करना भी शनि देव के प्रकोप को कम करने का एक बेहतर उपाय है।
- काले कुत्ते को रोटी खिलाने और चींटियों को आटा डालने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।
- छायादान भी एक प्रभावी उपाय है। इसके लिए एक कटोरी सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उसे शनिवार को किसी जरूरतमंद को दान कर दें।
- इस बात का ध्यान रखें कि शनि देव केवल उन्हीं को कष्ट देते हैं जो आलसी हैं, बड़ों का अपमान करते हैं या अन्याय करते हैं। वहीं जो लोग सत्य और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं, शनि देव उनपर हमेशा मेहरबान रहते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।