Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Sheetala Ashtami 2026: इस बार की शीतला अष्टमी क्यों मानी जा रही है बेहद खास? एक नजर शुभ मुहूर्त और संयोग पर

    Updated: Sun, 01 Mar 2026 08:00 PM (IST)

    चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर देवी मां शीतला की पूजा करने से आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है। साथ ही सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है ...और पढ़ें

    Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी का धार्मिक महत्व

    Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी का धार्मिक महत्व 

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, बुधवार 11 मार्च को शीतला अष्टमी (Sheetala Ashtami 2026) है। यह पर्व हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर ममतामयी मां शीतला की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है।

    devi maa shitala

    धार्मिक मत है कि जगत की देवी मां शीतला की पूजा करने से शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।

    ज्योतिषियों की मानें तो शीतला अष्टमी पर कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में जगत की देवी मां शीतला की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। आइए, शीतला अष्टमी के बारे में सबकुछ जानते हैं-

    शीतला अष्टमी शुभ मुहूर्त

    वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को देर रात 01 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी और 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार यानी उदया तिथि गणना से 11 मार्च को शीतला अष्टमी मनाई जाएगी। शीतला अष्टमी पर पूजा के लिए शुभ समय 11 मार्च को सुबह 06 बजकर 36 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 27 मिनट तक है। इस दौरान साधक देवी मां शीतला की पूजा कर सकते हैं।

    शीतला अष्टमी शुभ योग

    ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इस दिन सिद्धि योग का संयोग सुबह 09 बजकर 13 मिनट से है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग है। शिववास योग का संयोग 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट तक है। इस दौरान मां शीतला की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होगी। साथ ही आरोग्य जीवन का वरदान मिलेगा।

    खबरें और भी

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 15 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 42 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 13 मिनट से 02 बजकर 55 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 39 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक

    यह भी पढ़ें- Masik Durgashtami 2026: मासिक दुर्गाष्टमी आज, इस विधि से करें पूजा, रखें इन बातों का खास ध्यान

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।