जब महादेव ने तोड़ा लंकापति रावण का घमंड... पढ़ें शिव तांडव स्तोत्र की रचना का गहरा रहस्य
भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए शिव तांडव स्तोत्र का पाठ शुभ माना जाता है। लंकापति रावण ने ...और पढ़ें
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शिव तांडव स्तोत्र के पाठ से बरसेगी महादेव की कृपा (AI Generated Image)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा के दौरान विधिपूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है और सभी तरह के भय दूर होते हैं।
कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष भी दूर होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतना शक्तिशाली स्तोत्र की रचना कब और किसने की। अगर नहीं पता, तो चलिए आपको इस आर्टिकल में विस्तार से बताते हैं कि इस स्तोत्र के रचयिता कौन हैं?
शिव तांडव स्तोत्र की रचना की कथा
शिव तांडव स्तोत्र की रचना लंकापति रावण ने की थी। रावण को वेदों और शास्त्रों का अधिक ज्ञान था। इस स्तोत्र की रचना रावण ने पीड़ा अवस्था में की थी। एक बार जब लंकापति रावण को अपनी शक्तियों का अधिक अहंकार हो गया था, तो वह महादेव के निवास स्थान कैलाश पर्वत पर पहुंच गया।
इस दौरान उन्होंने शक्ति का प्रदर्शन किया और कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया। इस दृश्य को देख महादेव और मां पार्वती चिंतित हो गए। ऐसे में महादेव ने रावण का अहंकार तोड़ने के लिए अपने पैर के अंगूठे से पर्वत को नीचे किया और रावण की भुजाएं दबा दी, जिससे रावण भारी दर्द की वजह से कराहने लगा और अपनी गलती का अहसास हुआ।
इस दौरान उन्होंने महादेव को प्रसन्न करने के लिए स्तुति की थी, जिसे शिव तांडव स्तोत्र के नाम से जाना जाता है। इस स्तोत्र के पाठ से महादेव बेहद प्रसन्न हुए और रावण को पर्वत के नीचे से मुक्त किया। इसलिए पूजा के दौरान शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं। शिव तांडव स्तोत्र का वर्णन रामायण के उत्तरकांड में है।

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किस दिन करें शिव तांडव स्तोत्र का पाठ?
अगर आप भी शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना चाहते हैं, तो इसके लिए सोमवार, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और सावन का महीना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप रोजाना पूजा के दौरान शिव तांडव स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं।
मिलते हैं ये लाभ
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्तोत्र का पाठ करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
- भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
- कर्ज की समस्या दूर होती है।
- महादेव की कृपा बरसती है।
- घर में सुख-शांति का आगमन होता है।
- शुभ फल मिलता है।
- बिगड़े काम पूरे होते हैं।
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