श्रावण मास में बच्चों में अनुशासन और संस्कार विकसित करने के 3 अचूक तरीके
सावन का महीना बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए बेहद खास है। इस दौरान उन्हें मंदिर जाने, 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का जाप करने और शिव कथाएं सुनने के लिए प्रे ...और पढ़ें
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श्रावण मास में भगवान शिव से जुड़ी सरल साधना बच्चों के लिए (Picture Credits- AI Image)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना आध्यात्मिक और व्यवहारिक दोनों नजरिये से बेहद खास माना जाता है। भगवान शिव के इस महीने में चारों ओर हरियाली, बारिश और सुहाना मौसम भक्ति को और खास बना देता है। लेकिन क्या आपको पता है कि, बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए भी श्रावण मास का महीना बड़ा ही खास है।
इस पवित्र महीने में भक्ति के साथ-साथ अनुशासन का भी ध्यान रखा जाता है। ऐसे में श्रावण मास के दौरान अपने बच्चों को ये तीन अनुशासन जरूर सिखाएं, जो उनके बौद्धिक विकास के साथ-साथ भविष्य की आदतों पर भी अच्छा असर दिखाएगा।
श्रावण मास के महीने में बच्चों को कौन-सी 3 बात सिखानी चाहिए?
मंदिर जाने की आदत डाले
श्रावण मास के दौरान अपने बच्चों को मंदिर जाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। कोशिश करें कम से कम प्रत्येक सोमवार के दिन घर के बच्चे शिव मंदिर जाए और शिवलिंग पर जल जरूर चढ़ाएं। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न तो होती ही हैं।
इसके अलावा जीवन में आने वाली हर बाधा और संकट को दूर करने में भी मदद करते हैं। माना जाता है कि, शिवलिंग पर जल चढ़ाने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऐसे में श्रावण मास में यह आदत आपके बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव दिखाने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है।
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पंचाक्षरी मंत्र का जाप
श्रावण मास में भगवान शिव से जुड़े पंचाक्षरी मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह मंत्र है 'ऊं नमः शिवाय' जो पांच अक्षर, संसार के पंच तत्व, पृथ्वी, आकाश, जल, अग्नि और वायु का प्रतिनिधित्व करता है। श्रावण मास में इस मंत्र का जाप करना बड़ों के साथ बच्चों के लिए भी उतना ही प्रभावी है।
भगवान शिव की कथाओं को सुनना
श्रावण मास के दौरान बच्चों को भगवान शिव से जुड़ी कथाओं सुनाना चाहिए। ऐसा करने से बच्चे भगवान शिव से गहरा जुड़ाव महसूस करेंगे। भगवान शिव की प्रत्येक कथा एक गहरे और सच्चे सबक का प्रतीक है।
श्रावण मास के दौरान ये तीनों साधना आपके बच्चे में धैर्य, अनुशासन और सकारात्मक बदलाव की पहल करता है। इस सावन अपने बच्चों के साथ ये तीन प्रैक्टिस आज से ही शुरू करें।
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