सिर्फ गहना नहीं, सुहाग की निशानी है मंगलसूत्र, जानिए इसे पहनने का असली महत्व
मंगलसूत्र केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि वैवाहिक जीवन का सुरक्षा कवच है। आइए मंगलसूत्र पहनने का धार्मिक महत्व जानते हैं। ...और पढ़ें

क्यों पहना जाता है मंगलसूत्र? Ai Generated Image

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में एक विवाहित महिला के लिए सोलह शृंगार का विशेष महत्व है, और इनमें मंगलसूत्र सबसे ऊपर स्थान रखता है। विवाह के समय जब दूल्हा दुल्हन के गले में मंगलसूत्र पहनाता है, तो वह केवल एक रस्म नहीं होती, बल्कि दो लोगों के अटूट बंधन की शुरुआत होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसे पहनना इतना जरूरी क्यों माना गया है? अगर नहीं, तो आइए एस्ट्रोलॉजर चंद्रेश शर्मा जी से जानते हैं कि मंगलसूत्र पहनना इतना जरूरी क्यों हैं?
मंगलसूत्र का मतलब और प्रतीक
'मंगलसूत्र' दो शब्दों से मिलकर बना है - मंगल यानी पवित्र और सूत्र यानी धागा। यह एक ऐसा पवित्र धागा है जो पति-पत्नी को जीवनभर के लिए प्यार और विश्वास के धागे में बांधकर रखता है। इसमें पिरोए गए काले मोती और सोने के पेंडेंट का भी अपना गहरा आध्यात्मिक मतलब है।

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धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, मंगलसूत्र में मौजूद सोने का हिस्सा मां पार्वती और काले मोती भगवान शिव का प्रतीक माने जाते हैं। जिस प्रकार शिव और शक्ति अटूट हैं, उसी तरह मंगलसूत्र पहनने से पति-पत्नी के रिश्ते में तालमेल और प्यार बना रहता है।
- बुरी नजर से सुरक्षा - मंगलसूत्र के काले मोती महिला के वैवाहिक जीवन को दुनिया की बुरी नजर से बचाते हैं। माना जाता है कि ये मोती नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेते हैं और पति की रक्षा करते हैं।
- अखंड सौभाग्य - इसे धारण करना पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना का प्रतीक है।
वैज्ञानिक वजह
हैरानी की बात यह है कि मंगलसूत्र पहनने के पीछे केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तर्क भी दिए गए हैं। इसमें लगा सोना त्वचा के संपर्क में रहकर शरीर के सूर्य नाड़ी को एक्टिव करता है और यह भी माना जाता है कि यह बल्ड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है।
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मंगलसूत्र की बनावट से जुड़े रहस्य
मंगलसूत्र पति और पत्नी के बीच के संतुलन को दिखाता हैं। इसके काले धागे में पिरोए गए मोती वैवाहिक जीवन के उतार-चढ़ाव में धैर्य और शांति बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
सौभाग्य बढ़ाने वाला एक पवित्र सूत्र
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि आज के समय में मंगलसूत्र को केवल एक आभूषण की तरह देखा जाता है, पर वास्तव में यह सौभाग्य बढ़ाने वाला एक पवित्र सूत्र है। इसमें पिरोए गए काले मोती विवाहित महिला को बुरी नजर से बचाते हैं। यह एक रक्षक की तरह उनके वैवाहिक जीवन को सुरक्षित रखते हैं और उनके सौभाग्य को बढ़ाने में मदद करते हैं।
मंगलसूत्र इस बात का भी प्रमाण है कि महिला विवाहित हैं, जो उन्हें एक तरह की सुरक्षा प्रदान करता है। यह पवित्र आभूषण पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूती देता है और जीवन में खुशहाली लेकर आता है। परंपरा के अनुसार इसे धारण करना वैवाहिक सुख और मान-सम्मान के लिए बहुत ही मंगलकारी माना जाता है।
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