हरी चूड़ियों के बिना अधूरा है सावन का महीना, सुहागिन महिलाओं के लिए इन्हें क्यों माना जाता है शुभ?
सावन में हरी चूड़ियां सुहागिन महिलाओं के लिए सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती हैं। यह परंपरा प्रकृति से जुड़ने, वैवाहिक ...और पढ़ें
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सावन में हरी चूड़ियों का महत्व (Picture Credit- AI)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना सिर्फ भगवान शिव की आराधना का समय ही नहीं होता है, इस माह में हर तरह हरियाली भी नजर आती है, जो मन को शांति देती है। यही वो महीना होता है जब सुहागिन महिलाएं हरे रंग की चूड़ियां पहनना सबसे ज्यादा पसंद करती हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि सावन में हरी चूडियों को इतना महत्व क्यों दिया जाता है? इसके पीछे के धार्मिक कारण को आर्टिकल में समझते हैं।
हरी चूड़ियां मानी जाती हैं सौभाग्य का प्रतीक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सावन का महीने में प्रकृति हरे रंग में रंगी होती है। हरा रंग बुध का कारक होता है, जो बुद्धि, समृद्धि और नई शुरुआत का कारक भी कहा जाता है। ऐसे में सुहागिन महिलाएं जब हरी चूड़ियां पहनती हैं, तो वे प्रकृति के इस हरियाली भरे रूप को अपनाती हैं। ऐसा कहा जाता है इस महीने में हरा रंग पहनना सौभाग्य का प्रतीक होता है। इसलिए इसे चूड़ियों के रूप में पहना जाता है।

भगवान शिव और माता पार्वती का मिलता है आशीर्वाद
भगवान शिव को प्रकृति के हरे रंग काफी पसंद होते हैं, जैसे- बेलपत्र, भांग। माता पार्वती को भी प्रकृति का प्रतीक कहा जाता है। ऐसे में जब आप हरे रंग की चूड़ियां पहनती हैं, साथ ही माता पार्वती और भगवान शिव से प्रार्थना करती हैं तो सुहागिन महिलाओं को अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सावन में हरी चूड़ियां पहनने से मिलता है अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, हरी चूड़ियां धारण करने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद देती हैं। यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है और इसे सुहाग की निशानी माना जाता है। सावन के सोमवार के व्रतों में हरी चूड़ियों का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने का माध्यम बनती हैं।
सावन में हरी चूड़ियां पहनना केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि अपनी परंपराओं से जुड़े रहने का एक माध्यम है। यह परंपरा हमें प्रकृति के करीब लाती है, हमारे वैवाहिक जीवन में मधुरता भरती है और रिश्तों को मजबूत करती है। यदि आप भी इस सावन में अपनी खुशहाली और सौभाग्य में वृद्धि करना चाहती हैं, तो हरी चूड़ियों के साथ अपना श्रृंगार अवश्य करें।
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