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    Sita Navami 2026: 24 या 25 अप्रैल सीता नवमी 2026 कब है? नोट करें सही तारीख, महत्व और शुभ मुहूर्त

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 12:00 PM (GMT+05:30)

    वैशाख शुक्ल नवमी को सीता नवमी (Sita Navami 2026) मनाई जाती है, जो माता सीता के प्राकट्य का दिन है। इस दिन व्रत रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। ...और पढ़ें

    Sita Navami 2026: सीता नवमी नवमी का महत्व। (Ai Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को माता सीता का प्राकट्य हुआ था, जिसे हम 'सीता नवमी' या 'जानकी नवमी' के रूप में मनाते हैं। साल 2026 में इस पर्व की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ी कन्फ्यूजन है, तो आइए इस आर्टिकल में इस दिन (Sita Navami 2026) से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।

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    कब है सीता नवमी? (Sita Navami 2026 Kab Hai?)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 24 अप्रैल 2026 को रात 07 बजकर 21 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 25 अप्रैल 2026 को शाम 06 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में इस बार यह पर्व 25 अप्रैल को मनाया जाएगा।

    सीता नवमी का धार्मिक महत्व (Sita Navami 2026 Significance)

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब यज्ञ की भूमि तैयार करने के लिए हल चला रहे थे, तब उन्हें भूमि के नीचे से एक कलश में माता सीता कन्या रूप में प्राप्त हुई थीं।

    • सौभाग्य की प्राप्ति - मान्यता है कि जो महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं और माता सीता की पूजा करती हैं, उन्हें देवी की तरह ही सहनशीलता, त्याग और समर्पण का वरदान मिलता है।
    • राम-सीता का आशीर्वाद - इस दिन केवल माता सीता ही नहीं, बल्कि भगवान श्री राम की पूजा भी बहुत फलदायी मानी गई है। इनकी साथ पूजा करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
    • पृथ्वी पूजन - माता सीता को 'भूमिपुत्री' कहा जाता है, इसलिए यह पर्व प्रकृति और पृथ्वी के प्रति सम्मान करने का भी दिन है।

    सीता नवमी पूजा विधि (Sita Navami 2026 Puja Vidhi)

    • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
    • घर के मंदिर में माता सीता और भगवान राम की प्रतिमा स्थापित करें।
    • उन्हें पीले फूल, शृंगार की वस्तुएं और भोग अर्पित करें।
    • इस मंत्र 'श्री जानकी रामाभ्यां नमः' का 108 बार जप करें।
    • सीता नवमी की कथा का पाठ करें।
    • अंत में आरती करें।

    मां सीता पूजन मंत्र (Sita Navami 2026 Puja Mantra)

    • ॐ सीतायै नमः।।
    • ॐ श्री सीता-रामाय नमः।।
    • ॐ जनकनंदिन्यै विद्महे, भूमिजायै धीमहि, तन्नो सीता प्रचोदयात्।।

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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