स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करने से खुलता है भाग्य, घर में करें स्थापित, नोट करें नियम
घर में स्फटिक शिवलिंग स्थापित करने से खुलते हैं, बंद किस्मत के ताले। आइए इसका धार्मिक महत्व जानते हैं। ...और पढ़ें

घर में स्थापित करना चाहते हैं स्फटिक शिवलिंग? तो जानें ये नियम

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा करने के लिए शिवलिंग की पूजा को सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। शास्त्रों में कई तरह के शिवलिंगों के बारे में बताया गया है।
जैसे कि पार्थिव शिवलिंग (मिट्टी का शिवलिंग), पारद शिवलिंग और स्फटिक शिवलिंग। इनमें स्फटिक शिवलिंग को बहुत पवित्र, शांत और चमत्कारी माना गया है।
स्फटिक कांच की तरह चमकदार लेकिन कहीं अधिक ऊर्जावान माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से घर में इसकी स्थापना और पूजा करने से सोई हुई किस्मत जाग उठती है, तो आइए यहां इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

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स्फटिक शिवलिंग का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, स्फटिक को साक्षात भगवान शिव का स्वरूप या 'शिव-ज्योति' का अंश माना गया है। स्फटिक शिवलिंग को स्वयंभू के समान पूजनीय माना जाता है, यानी इसकी प्राण-प्रतिष्ठा की जरूरत नहीं होती। कहा जाता है कि जिस घर में स्फटिक का शिवलिंग होता है, वहां साक्षात माता लक्ष्मी और भगवान शिव का वास होता है। इस शिवलिंग की पूजा से ग्रह दोष, विशेषकर 'चंद्र दोष' और 'शुक्र दोष' शांत होते हैं, क्योंकि स्फटिक का संबंध शीतलता और समृद्धि से है।
स्फटिक शिवलिंग के चमत्कारी लाभ
- आर्थिक समृद्धि - दरिद्रता का नाश होता है और कारोबार व नौकरी में तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
- वास्तु दोष निवारण - स्फटिक अपनी सकारात्मक ऊर्जा से घर के सभी प्रकार के वास्तु दोषों और नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करता है।
- रोग से मुक्ति - इसकी पूजा से गंभीर बीमारियों से राहत मिलती है।
घर में स्थापित करने के नियम
- आकार का ध्यान - घर के मंदिर में स्थापित किए जाने वाले स्फटिक शिवलिंग का आकार बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। यह आपकी अंगूठे के आकार से बड़ा न हो तो ज्यादा अच्छा है।
- दिशा और वेदी - शिवलिंग को हमेशा जलहरी उत्तर दिशा की ओर करके स्थापित करें। इसे किसी तांबे, पीतल या चांदी के पात्र में रखना चाहिए।
- नियमित जलाभिषेक - स्फटिक शिवलिंग को कभी भी सूखा नहीं छोड़ना चाहिए। रोजाना सुबह गंगाजल या शुद्ध जल से इनका अभिषेक जरूर करें। अभिषेक के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।
- न चढ़ाएं ये चीजें - शिव जी की पूजा में कभी भी केतकी के फूल, तुलसी दल, हल्दी और कुमकुम का प्रयोग न करें। स्फटिक शिवलिंग पर केवल चंदन और सफेद फूल अर्पित करें।
शिव जी पूजा मंत्र
- ॐ नमः शिवाय।
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
- उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
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