तुलसी से मोक्ष, कमल से लक्ष्मी: आपकी प्रार्थना के लिए कौन-सी माला है बेस्ट!
हिंदू धर्म में विभिन्न प्रकार की प्रार्थना मालाओं (मालाओं) का विशेष महत्व है, जैसे कमल के बीज, तुलसी, रुद्राक्ष, क्रिस्टल और सर्प हड्डी की माला। आइए ज ...और पढ़ें

प्रार्थना माला का महत्व (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में माला का खास महत्व है। अलग-अलग अनुष्ठानों के दौरान मालाओं की जरूरत होती है और अक्सर सुबह और शाम दोनों समय प्रार्थना के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है।
इन मालाओं के प्रयोग से मिलने वाले लाभ, इस्तेमाल की जा रही माला के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।
कमल के बीच की माला
कमल के बीजों से बनी माला धारण करने से दुश्मनों का नाश होने के साथ माला धारण करने वाले व्यक्ति को हानि से सुरक्षा मिलती है। ऐसा माना जाता है कि, इस माला का जाप करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होने के साथ आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
तुलसी की माला
हिंदू धर्म में तुलसी की माला को अत्यंत पवित्र माना जाता है। तुलसी की माला भगवान विष्णु को खुश करने के लिए धारण की जाती है, जो वैराग्य बढ़ाने वाली मानी जाती है। पद्म पुराण के मुताबिक, तुलसी की माला धारण करते हुए भोजन करना अश्वमेध यज्ञ करने के समर्थ है।
कुछ लोगों का यह भी मानना है कि, मौत के समय तुलसी की माला धारण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पवित्र स्थानों पर यात्रा के दौरान धारण करने से पूर्ण आध्यात्मिक लाभ मिलता है।

रुद्राक्ष की माला
रुद्राक्ष का संबंध भगवान शिव से है और इसकी उत्पत्ति भी उन्हीं से जुड़ी हुई है। इसलिए इस माला का जाप करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और कष्टों से मुक्ति भी मिलती है।
क्रिस्टल की माला
क्रिस्टल की माला का इस्तेमाल तांत्रिक शक्तियों को हासिल करने के लिए किया जाता है, लेकिन गृहस्थों को आमतौर पर इसका इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है।
सांप की हड्डियों से बनी माला
सांप की हड्डियों से बनी माला के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। आमतौर पर इस तरह की माला का इस्तेमाल तपस्वियों औ कुछ आध्यात्मिक साधकों द्वारा ही किया जाता है।
इसका इस्तेमाल तांत्रिक अनुष्ठानों, मंत्रों और ध्यान साधनाओं में किया जाता है और माना जाता है कि, इससे मनचाहे परिणाम की प्राप्ति होती है।
प्रार्थना माला के साथ मंत्रोच्चार
किसी भी माला का इस्तेमाल करते समय मंत्रों का जाप करना प्रथागत है। माना जाता है कि, माला का इस्तेमाल करते समय जाप करने से गले से जुड़ी बीमारियों से बचाव होता है। इसलिए आप अपने आध्यात्मिक लक्ष्यों के आधार पर उपयुक्त मालाओं में से किसी एक को चुन सकते हैं।
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