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    अचानक धन हानि और डरावने सपने? कहीं आपकी कुंडली में भी तो कमजोर नहीं राहु-केतु, ऐसे करें चेक

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 10:05 AM (IST)

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में राहु और केतु के कमजोर होने पर जीवन में कई परेशानियां आती हैं, जैसे धन हानि और बुरे सपने। इन्हें मजबूत करने के लि ...और पढ़ें

    राहु-केतु के उपाय (Picture Credit: AI Generated)

    राहु-केतु के उपाय (Picture Credit: AI Generated) 

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों की कुंडली में राहु और केतु की स्थिति कमजोर होती है, तो उन्हें जीवन में तनाव और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राहु और केतु के कमजोर होने पर अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। ऐसी स्थिति होने पर व्यक्ति को कई तरह के संकेत मिलते हैं, जिनके द्वारा राहु और केतु की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। ऐसे में आइए एक नजर डालते हैं कुंडली में राहु और केतु के कमजोर होने के संकेत और उपाय के बारे में।

    rahu ketu ke sanket

    (Picture Credit: AI Generated) 

    राहु के कमजोर के संकेत

    • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में राहु के कमजोर होने पर व्यक्ति को जीवन में किसी बड़ी अनहोनी होने का भय बना रहता है और बुरे सपने आते हैं।
    • इसके अलावा राहु की खराब स्थिति होने से अचानक आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
    • व्यक्ति को अचानक नशे की आदत पड़ जाती है।
    • निवेश में नुकसान हो सकता है।

    केतु के कमजोर के संकेत

    • ऐसा माना जाता है कि केतु के कमजोर होने पर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
    • जीवन में व्यक्ति को अचानक अकेलापन महसूस होता है।
    • केतु की अशुभ स्थिति होने पर करियर या व्यापार में बाधा आती है।
    • इसके अलावा बार-बार चोट या दुर्घटना होना भी केतु के कमजोर होने का संकेत माना जाता है।

    इस तरह करें राहु और केतु को प्रसन्न

    • कुंडली में राहु और केतु को मजबूत करने के लिए कन्याओं को हलवा, पूरी और दही का भोजन कराएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से राहु और केतु का बुरा प्रभाव दूर होता है और व्यक्ति को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
    • राहु और केतु को प्रसन्न करने के लिए भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। सोमवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद शिवलिंग का काले तिल, बेलपत्र और गंगाजल से अभिषेक करें। इस दौरान मंत्रों का जप करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से राहु और केतु की स्थिति मजबूत होती है और अशुभ प्रभाव दूर होता है।
    • इसके अलावा शनिवार के दिन पूजा-अर्चना करने के बाद मंदिर या गरीब लोगों में काले तिल या उड़द की दाल का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों का दान करने से राहु और केतु प्रसन्न होते हैं।
    • इसके अलावा रोजाना रुद्राक्ष की माला से राहु के बीज मंत्र "ॐ भ्राम भ्रम भ्रोम सः राहुवे नमः" का जप करना चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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