कुंडली में ये 3 कमियां शादीशुदा जिंदगी को बनाती हैं कठिन
यह लेख कुंडली में उन ज्योतिषीय कमियों को बताता है जो वैवाहिक जीवन में कठिनाइयाँ ला सकती हैं। सप्तमेश की कमजोरी, मंगल दोष और ग्रहों की महादशा प्रमुख का ...और पढ़ें

कुंडली के ये दोष बिगाड़ सकते हैं आपका वैवाहिक जीवन (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पति-पत्नी का संबंध बहुत ही नाजुक होता है। छोटी-छोटी बातों का इस रिश्ते में बड़ा महत्व होता है। ऐसे में कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं, जब शादी टूटने की कगार पर आ जाती है या संबंधों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसा तब होता है, जब जातक की कुंडली में कुछ कमियां होती हैं। वैसे तो हर जातक की कुंडली में ग्रहों और नक्षत्रों की दशा अलग-अलग होती है, मगर ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे संकेत बताए गए हैं, जो वैवाहिक जीवन में कठिनाइयों की ओर इशारा करते हैं।
तो चलिए जानते हैं कि आखिर कुंडली में वो कौन सी कमियां बताई गई हैं, जो वैवाहिक जीवन को प्रभावित करती हैं और जातक को कठिन दौर से गुजरना पड़ता है।
कुंडली में सप्तमेश का कमजोर होना
कुंडली में सप्तम भाव को प्रेम संबंधों और शादी से जोड़कर देखा जाता है। यदि इस भाव में ग्रहों की महादशा चल रही हो या कोई क्रूर ग्रह बैठा हो तो, पति-पत्नी के रिश्ते में मनमुटाव की स्थिति बन सकती है।
जैसे- राहु या केतु का सप्तम भाव में होने से जीवनसाथी आपके साथ रिश्ते में विश्वासघात कर सकता है। वहीं सप्तम भाव में यदि शनि बैठा हो, तो रिश्ते में ठंडापन रहता है। जीवनसाथी शादी को बोझ समझता है।
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मंगल दोष भी शादी में लाता है कठिनाई
ज्योतिष शास्त्र में मंगल दोष को बहुत ही खराब माना गया है। यह दोष शादी से पहले ही नहीं बल्कि शादी के बाद भी लग सकता है। किसी जातक की कुंडली में मंगल सप्तम, चतुर्थ, अष्टम या द्वादश भाव में होता है, तो शादीशुदा जिंदगी में तनाव पैदा होने लगता है।
यदि जीवनसाथी से बहुत अधिक झगड़े हो रहे हैं, जीवनसाथी ने आपसे दूरी बना ली है या उससे बातचीत बंद हो गई है, तो ऐसा मंगल दोष के कारण हो सकता है।
ग्रहों की महादशा
ग्रहों की दशा का शादीशुदा जीवन पर बहुत गहरा असर पड़ता है। खासतौर पर जो लोग शनि की महादशा से ग्रसित हैं और उनपर मंगल की अंतर्दशा भी लग जाए, तो रिश्ते में कठिनाई शुरू हो जाती है।
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ऐसे में जीवनसाथी का बात न मानना, बहुत ज्यादा नशा करना, घर की जरूरतों पर ध्यान न देना आदि परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। कई बार ग्रहों की महादशा ही रिश्तों को खराब करने और उन्हें तोड़ने का कारण भी बनती है।
अत: किसी भी जातक के शादीशुदा जीवन में यदि कोई भी कठिनाई आ रही है और रिश्ता टूटने की कगार पर है, तो ऊपर कुंडली में बताई गई कमियों के आधार पर किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करना चाहिए।
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