दुर्वासा ऋषि का वो भयंकर श्राप, जिसने भगवान विष्णु की देवी लक्ष्मी को स्वर्ग त्यागने पर किया मजबूर
ग्रंथों के अनुसार, देवराज इंद्र के अहंकार और महर्षि दुर्वासा के श्राप के कारण मां लक्ष्मी ने स्वर्ग छोड़ दिया था। दुर्वासा ऋषि ने इंद्र को श्रीहीन होने का श्राप दिया था, जिसके बाद देवी लक्ष्मी क्षीर सागर में विलीन हो गईं।
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1 श्राप की वजह से छीन लिया स्वर्ग का वैभव (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ग्रंथों और पुराणों में मां लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य, और सुख-समृद्धि की स्वामिनी माना गया है। रोजाना विधिपूर्वक मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी की साधना करने से साधक को धन की प्राप्ति होती है और जीवन में धन की कमी नहीं होती है।
ऐसा माना जाता है कि जिस घर में मां लक्ष्मी का वास होता है, तो वहां पर कभी दुख, दरिद्रता या अंधकार का वास नहीं हो सकता। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन से ठीक पहले मां लक्ष्मी स्वर्ग छोड़कर चली गईं, जिसकी वजह से पूरा देवलोक श्रीहीन और कंगाल हो गया।
अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ था कि मां लक्ष्मी रुष्ट हो गईं और अपना स्थान को छोड़कर अनंत क्षीर सागर में चली गईं। ऐसे में आइए आर्टिकल में आपको बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, मां लक्ष्मी स्वर्ग छोड़कर जाने का प्रमुख कारण देवराज इंद्र का अहंकार और महर्षि दुर्वासा का श्राप था, जिसकी वजह से स्वर्ग की चमक चली गई थी।
देवराज इंद्र ने दुर्वासा ऋषि को आशीर्वाद
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार का समय था, जब दुर्वासा ऋषि और उनके शिष्य महादेव के दर्शन करने के लिए कैलाश पर्वत जा रहे थे। उस दौरान मार्ग में उनकी मुलाकात देवराज इंद्र से हुई। दुर्वासा ऋषि ने देवराज इंद्र को विष्णु जी का पुष्प पारिजात दे दिया।
तब देवराज इंद्र में अधिक अहंकार था। देवराज ने पुष्प माला को अपने ऐरावत के मस्तक पर रख दिया। इसके बाद पुष्प के प्रभाव से हाथी भी तेजस्वी हो गया। हाथी इंद्र को छोड़कर पुष्प को रौंदते हुए वन में चला गया। इस दृश्य को देख दुर्वासा ऋषि को क्रोध आया।
दुर्वासा ऋषि ने दिया श्राप
दुर्वासा ऋषि ने क्रोध में आकर देवराज इंद्र को श्राप दिया कि तुम श्रीहीन हो जाओगे। दुर्वासा ऋषि के श्राप की वजह से ही मां लक्ष्मी स्वर्ग छोड़कर चली गईं और क्षीर सागर में विलीन हो गईं। मां लक्ष्मी के स्वर्ग को छोड़कर जाने पर सभी देवता धन-वैभव और शक्ति से हीन हो गए। इंद्रलोक से मां लक्ष्मी के रुठकर जाने का वर्णन विष्णु पुराण और पद्म पुराण में मिलता है।
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