कब मनाई जाएगी वैशाख की मासिक दुर्गाष्टमी, पूजा में मां दुर्गा को चढ़ाएं ये एक प्रिय चीज
हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत शक्ति की उपासना का महापर्व माना जाता है। चलिए जानते हैं कि वैशाख में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत कब किया जाएगा। ...और पढ़ें

कब है वैशाख माह की मासिक दुर्गाष्टमी? (Picture Credit: Freepik)
HighLights
हर माह में किया जाता है मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत
मां दुर्गा की पूजा से मिलती है सुख-समृद्धि
पूजा में मां दुर्गा को अर्पित करें सोलह शृंगार
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने में आने वाली शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत किया जाता है। इस दिन पर अगर आप पूरे विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं, तो इससे पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साथ ही साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन में चल रही समस्याओं का समाधान होता है। चलिए जानते हैं इस दिन का महत्व और पूजा विधि।
इस दिन मनाई जाएगी मासिक दुर्गाष्टमी
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 23 अप्रैल को रात 8 बजकर 49 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 24 अप्रैल को रात 7 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत शुक्रवार 24 अप्रैल को किया जाएगा।
मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करें और माता रानी का स्मरण करें।
- इस दिन लाल वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि यह रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है।
- पूजा स्थल की साफ-सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें और पूरे घर में भी गंगाजल का छिड़काव करें।
- एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- देवी मां को जल अर्पित करने के बाद उन्हें लाल चुनरी और सोलह शृंगार की सामग्री जैसे सिंदूर, चूड़ी, बिंदी आदि चढ़ाएं।
- मां को भोग के रूप में हलवा, पूरी, चने, खीर, केला या शहद आदि अर्पित करें।
- घी का दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा और मां दुर्गा के मंत्रों का जप करें।
- अंत में कपूर जलाकर आरती करें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- यदि संभव हो, तो मासिक दुर्गाष्टमी के विशेष अवसर पर आप दिनभर अखंड ज्योति जला सकते हैं।
- मां दुर्गा उसी स्थान पर वास करती हैं, जहां शांति और प्रेम बना रहता है। ऐसे में घर में शांति का माहौल बनाए रखें।
- मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मांस-मदिरा के सेवन से दूर रहें।
- पूजा में भूल से भी काले रंग के कपड़े न पहनें।
- पूजा के अंत में अनजाने में हुई गलतियों के लिए मां दुर्गा से क्षमा याचना जरूर करें।
मां दुर्गा के मंत्र
1. दुर्गा बीज मंत्र - ॐ दुं दुर्गायै नमः।
2. दुर्गा नवार्ण मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
3. दुर्गा गायत्री मंत्र - ॐ गिरिजायै च विद्महे शिवप्रियायै च धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
4. दुर्गा अष्टाक्षर मंत्र - ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः।
5. दुर्गा ध्यान मंत्र -
ॐ जटा-जूट-समायुक्तमर्धेन्दु-कृत-लक्षणाम्।
लोचनत्रय-संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम्॥
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