ज्येष्ठ अधिक मास में इस दिन है वरदा चतुर्थी, घर की सुख-शांति के लिए ऐसे करें गणपति बप्पा की पूजा
ज्येष्ठ अधिक मास में वरदा चतुर्थी 20 मई 2026 को मनाई जाएगी, जो भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और ...और पढ़ें

कैसे करें भगवान गणेश को प्रसन्न? (AI Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए व्रत भी किया जाता है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर वरदा चतुर्थी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वरदा चतुर्थी (Varada Chaturthi 2026) के दिन गणेश जी की साधना करने से साधक के बिगड़े काम पूरे होते हैं और जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि वरदा चतुर्थी की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।
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वरदा चतुर्थी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Varada Chaturthi 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 19 मई को दोपहर 02 बजकर 18 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 20 मई को सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर होगा। ऐसे में 20 मई को वरदा चतुर्थी मनाई जाएगी।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 05 मिनट से 04 बजकर 46 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 06 मिनट से 07 बजकर 27 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक
खबरें और भी
सूर्यद - सुबह 05 बजकर 28 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 08 मिनट पर
चन्द्रोदय- सुबह 08 बजकर 43 मिनट पर
चंद्रास्त- रात 11 बजकर 08 मिनट पर
वरदा चतुर्थी पूजा विधि (Varada Chaturthi Puja Vidhi)
वरदा चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य दें। घर और मंदिर की सफाई करें। लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति को विराजमान करें। इसके बाद गणेश जी को फूल और धूप समेत आदि चीजें चढ़ाएं। देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें। इसके बाद व्रत कथा का पाठ करें। मंत्रों का जप करें। गणेश जी को फल और मोदक का भोग लगाएं। जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
ध्यान रखें ये बातें
वरदा चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं करने चाहिए। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। इसके अलावा तामसिक भोजन का सेवन न करें। किसी के बारे में गलत न सोचें। किसी से वाद-विवाद न करें। घर और मंदिर की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
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