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विभुवन संकष्टी: 3 साल बाद आया दिव्य संयोग! 3 जून को इस तरह दूर्वा चढ़ाकर पाएं कई गुना फल

Published: Mon, 01 Jun 2026 10:05 AM (GMT+05:30)

'विभुवन चतुर्थी' के दिन पर की गई पूजा-अर्चना करने से साधक को सामान्य दिनों से कई गुना ज्यादा फल मिलता, क्योंकि यह अधिक मास में ही आती है।

गणेश जी को दूर्वा चढ़ाकर पाएं विशेष कृपा (Picture Credit: Freepik)

गणेश जी को दूर्वा चढ़ाकर पाएं विशेष कृपा (Picture Credit: Freepik)

HighLights

  1. विभुवन संकष्टी चतुर्थी 3 जून 2026 को मनाई जाएगी

  2. यह चतुर्थी हर तीन साल बाद अधिकमास में आती है

  3. गणेश जी को दूर्वा चढ़ाने से मिलती है विशेष कृपा

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश की कृपा पाने का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। विभुवन संकष्टी चतुर्थी बेहद खास है, क्योंकि यह अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में आती है और 3 साल में सिर्फ एक बार आती है! यह चतुर्थी इस बार 3 जून 2026 को आने वाली है। इस दिन आप गणेश जी को विशेष तौर से दुर्वा चढ़ाते हैं, तो इससे आपको गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

क्यों खास है विभुवन संकष्टी चतुर्थी?

विभुवन संकष्टी चतुर्थी बेहद खास है, क्योंकि यह केवल अधिकमास में ही आती है। चूंकि अधिकमास हर तीन साल के अंतराल पर आता है, इसलिए यह विशिष्ट चतुर्थी भी 3 साल में सिर्फ एक बार आती है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, पुरुषोत्तम मास स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित है और इस पवित्र महीने में विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा-अर्चना करने से साधक को सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा फल मिलता है।

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गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने का महत्व

दूर्वा के बिना भगवान गणेश की पूजा अधूरी मानी जाती है। बप्पा के अलावा भगवान शिव, आदिशक्ति दुर्गा माता, मां लक्ष्मी और माता सरस्वती समेत कई देवी-देवताओं के पूजन में दूर्वा का पवित्र रूप से इस्तेमाल किया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, दूर्वा को अमरता और शीतलता का प्रतीक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन की सभी बाधाओं को हर लेते हैं।

दूर्वा अर्पित करने की सही विधि

भगवान गणेश की पूजा में हमेशा 21 दूर्वा चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता है। इसके लिए साफ-सुथरी जगह से तोड़ी गई कोमल दूर्वा की पत्तियों को आपस में जोड़कर 11 या 21 जोड़े तैयार कर लें। जब आप गणेश जी को दूर्वा अर्पित कर रहे हों, तो मन को पूरी तरह शांत रखें और इस चमत्कारी मंत्र का जाप करें -

महामंत्र: "श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि"

मंत्र बोलते हुए दूर्वा के जोड़ों को भगवान गणेश के चरणों में या उनके मस्तक पर श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं और अपने जीवन के दुखों को दूर करने की प्रार्थना करें।

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(Picture Credit- AI Generated)

दूर्वा चढ़ाने से मिलते हैं ये लाभ

अधिकमास में आने वाली विभुवन संकष्टी चतुर्थी की पावन तिथि पर सही विधि से दूर्वा चढ़ाने से साधक के जीवन में सुख, समृद्धि और रिद्धि-सिद्धि का वास होता है। विघ्नहर्ता की कृपा से नौकरी, व्यापार या विवाह में आ रही रुकावटों से आपको राहत मिल सकती है। बप्पा प्रसन्न होकर आपके घर की दरिद्रता को दूर करते हैं और पूरे परिवार को सुख व समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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