Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Vidyarambha Sanskar: पढ़ाई शुरू करने से पहले क्यों किया जाता है विद्यारंभ संस्कार? जानें इसके बारे में सबकुछ

    Updated: Sat, 27 Apr 2024 02:24 PM (IST)

    जब बच्चा शिक्षा ग्रहण करने के लिए तैयार होता है तो पढ़ाई की शुरुआत करने से पहले विद्यारंभ संस्कार जरूर किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि विद्यारंभ संस् ...और पढ़ें

    Vidyarambha Sanskar: पढ़ाई शुरू करने से पहले क्यों किया जाता है विद्यारंभ संस्कार? जानें इसके बारे में सबकुछ
    Vidyarambha Sanskar: पढ़ाई शुरू करने से पहले क्यों किया जाता है विद्यारंभ संस्कार? जानें इसके बारे में सबकुछ

    HighLights

    1. विद्यारंभ संस्कार 16 संस्कारों में शामिल है।
    2. विद्यारंभ संस्कार को अक्षरारंभ संस्कार के नाम से जाना जाता है।
    3. विद्यारंभ संस्कार विद्या ग्रहण के लिए किया जाता है ।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Vidyarambha Sanskar: हिंदू धर्म में 16 संस्कारों का उल्लेख किया गया है। इन सभी संस्कारों का विशेष महत्व है। इनमें से एक संस्कार है विद्यारंभ संस्कार। यह संस्कार किसी भी शुभ दिन करना चाहिए। इस संस्कार के बारे में ग्रंथों में विस्तारपूर्वक उल्लेख किया गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर क्यों विद्यारंभ संस्कार किया जाता है।

    यह भी पढ़ें: Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी के साथ खरीदें ये चीजें, धन और वैभव से भर जाएगा घर, होगा खूब लाभ

    इसलिए किया जाता है विद्यारंभ संस्कार

    जब बच्चा शिक्षा ग्रहण करने के लिए तैयार होता है, तो पढ़ाई की शुरुआत करने से पहले विद्यारंभ संस्कार जरूर किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि विद्यारंभ संस्कार करने से बच्चे में कई तरह के बदलाव आते हैं। अगर आप अपने बच्चे का विद्यारंभ संस्कार कर रहे हैं, तो ऐसे में सबसे पहले मां सरस्वती, भगवान गणेश और गुरु की पूजा-अर्चना करें।

    कब करें विद्यारंभ संस्कार?

    शास्त्रों और वेदों में विद्यारंभ संस्कार करने के लिए सही उम्र 5 वर्ष बताई गई है। विद्यारंभ संस्कार करने के लिए सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और बंसत पंचमी के पर्व को शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चन्द्र और तारा दोष से मुक्त होने पर विद्यारंभ संस्कार करना चाहिए।

    अगर आप अपने बच्चे का विद्यारंभ संस्कार करना चाहते हैं, तो द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्टी, दशमी, एकादशी, द्वादशी तिथि पर कर सकते हैं। इन तिथि पर विद्यारंभ संस्कार करना शुभ माना जाता है।

    विद्यारंभ संस्कार का महत्व

    मां सरस्वती को ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की देवी माना गया है। विद्यारंभ संस्कार के द्वारा बच्चे को पढ़ाई के प्रति उत्साहित किया जाता है। इस संस्कार को करने से बच्चा बड़ा होकर आदर्श और सभ्य बनता है।

    विद्यारंभ संस्कार में इन मंत्र का करें जाप

    गणपति पूजा मंत्र - ॐ गणानां त्वा गणपति हवामहे, प्रियाणां त्वा प्रियपति हवामहे, निधीनां त्वा निधिपति हवामहे, वसोमम। आहमजानि गभर्धमात्वमजासि गभर्धम्। ॐ गणपतये नमः। आवाहयामि, स्थापयामि, ध्यायामि॥

    सरस्वती पूजा मंत्र - ॐ पावका नः सरस्वती, वाजेभिवार्जिनीवती। यज्ञं वष्टुधियावसुः।

    यह भी पढ़ें: Shani Jayanti 2024 Date: मई में कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/जयोतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेंगी।

    खबरें और भी