Mahabharat Katha: इस तरह हुआ था भीम और हिडिंबा का विवाह, कुंती ने रखी थी एक कठिन शर्त
पांडवों में से एक भीम, महाभारत (Mahabharat Story in Hindi) के प्रमुख पात्रों में से एक रहा है। भीम का ...और पढ़ें

भीम और हिडिंबा के विवाह की कथा (AI Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाभारत में वर्णित कथा के अनुसार, द्रौपदी के अलावा भीम की एक और पत्नी थी, जिसका नामहिडिंबा था। मनाली मेंहिडिंबा देवी मंदिर भी स्थापित है, जहां राक्षस कुल की होने के बाद भीहिडिंबा की पूजा की जाती है। महाभारत के एक प्रसंग में भीम और हिडिंबा के विवाह से जुड़ी एक अद्भुत कथा मिलती है, जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।
इस तरह हुई मुलाकात
महाभारत की कथा के अनुसार, वनवास के दौरान जब पांडव लाक्षागृह से बचने के बाद कुंती के साथ जंगल में विश्राम कर रहे थे। इस दौरान भीम पहरा दे रहे थे। तब राक्षस हिडिंब ने अपनी बहनहिडिंबा को यह आदेश दिया कि वह उसके लिए मानव का गोश्त लेकर आए। इस दौरान हिडिंबा की नजर भीम पर पड़ती है और वह मन-ही-मन भीम को चाहने लगती है और भीम के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा।
जब बहुत देर तक हिडिंबा वापस नहीं लौटी, तो हिडिंब उसे ढूंढने निकला और उसने भीम को देखते ही उसपर हमला कर दिया। इस युद्ध में भीम की जीत हुआ और हिडिंब मारा गया।

(Picture Credit: Freepik)
कुंती ने रखी यह शर्त
हिडिंबा के विवाह के प्रस्ताव को भीम ने ठुकरा दिया। तब कुंती के सामने हिडिंबा ने भीम से विवाह की इच्छा जताई। कुंती विवाह के लिए मान गई, लेकिन साथ ही एक शर्त भी रखी। इस शर्त के अनुसार, भीम और हिडिंबा तब तक ही साथ रहेंगे, जब तक कि उन्हें एक पुत्र न हो जाए। कुंती की इस शर्त को मानते हुए हिडिंबा का विवाह भीम से हुआ।

भीम औरहिडिंबा का पुत्र
भीम और हिडिंबा का एक पुत्र भी था, जिसका नाम घटोत्कच (Ghatotkach) था। वह मायावी होने के साथ-साथ अत्यंत बलशाली भी था। उसने महाभारत युद्ध में पांडवों की ओर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। घटोत्कच का पुत्र, जिसका नाम बर्बरीक था, आज वह खाटू श्याम के नाम से पूजे जाते हैं।
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