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    सावन 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? तुरंत नोट कर लें सही डेट और पूजा का मुहूर्त

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    सावन 2026 में सोम प्रदोष व्रत 10 अगस्त को और भौम प्रदोष व्रत 25 अगस्त को रखा जाएगा। यह व्रत भय से मुक्ति दिलाता है, सुख-शांति प्रदान करता है और कुंडली ...और पढ़ें

    सावन में कब है प्रदोष व्रत(Picture Credit: AI Generated)

    सावन में कब है प्रदोष व्रत(Picture Credit: AI Generated) 

    HighLights

    1. सावन 2026 में दो प्रदोष व्रत होंगे।

    2. सोम प्रदोष व्रत 10 अगस्त को है।

    3. भौम प्रदोष व्रत 25 अगस्त को मनाया जाएगा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सावन के महीने को महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। इस माह में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही शिवलिंग का विशेष चीजों से अभिषेक किया जाता है। हर महीने में 2 बार प्रदोष व्रत किया जाता है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को सभी भय से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। आइए में इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि सावन में कब-कब किया जाएगा प्रदोष व्रत और शुभ समय के बारे में।

    सावन में कब-कब है प्रदोष व्रत?

    वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन के महीन महीने में 10 अगस्त को सोम प्रदोष व्रत और 25 अगस्त को भौम प्रदोष व्रत किया जाएगा।

    प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 09 अगस्त को रात 09 बजकर 30 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 10 अगस्त को शाम 06 बजकर 24 मिनट पर होगी। ऐसे में 10 अगस्त को सोम प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन शिव पूजन करने का समय शाम को 06 बजकर 57 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक है।

    प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 24 अगस्त को रात 07 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 25 अगस्त को रात 09 बजकर 29 मिनट पर होगा। ऐसे में 25 अगस्त को भौम प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन महादेव की पूजा करने का समय शाम को 06 बजकर 46 मिनट से 09 बजकर 03 मिनट तक है।

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    प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    प्रदोष व्रत के अवसर पर महादेव की पूजाकरने का विधान है। प्रदोष व्रत को करने से कुंडली में शुभ ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है। वहीं, अशुभ ग्रहों का प्रभाव समाप्त होता है। शिव पूजन करने से महादेव की कृपा से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही व्रत को करने से भय दूर होते हैं। ऐसा माना प्रदोष व्रत के दिन अन्न-धन का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और साधक को जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।