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    इस बार सावन में पड़ेंगे 4 सोमवार, कहीं छूट न जाए महादेव का आशीर्वाद, डायरी में अभी नोट करें सही डेट  

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 03:02 PM (IST)

    सनातन धर्म में सावन माह का विशेष महत्व है, जिसमें भगवान शिव की पूजा की जाती है। वर्ष 2026 में सावन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा और इसमें चार सोमवार व ...और पढ़ें

    30 जुलाई से होगा सावन (Picture Credit: AI Generated)

    30 जुलाई से होगा सावन (Picture Credit: AI Generated) 

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में सावन के महीने का अधिक महत्व है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही सोमवार और मंगलवार का व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महादेव की साधना करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधा दूर होती है और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।

    ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव कैलाश पर्वत से अपनी ससुराल कनखल आते हैं। इसलिए सावन में महादेव की पूजा का खास महत्व है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि सावन में कब-कब किया जाएगा सोमवार व्रत।

    इस दिन से शुरू होगा सावन 2026 (Sawan 2026 Start and End Date)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 30 जुलाई से होगी, वहीं, इसका समापन 28 अगस्त को होगा। इस बार सावन में 4 सोमवार पड़ेंगे।

    सावन सोमवार व्रत 2026 डेट (Sawan Somwar Vrat 2026 Dates)

    • 03 अगस्त 2026 को पहला सोमवार व्रत
    • 10 अगस्त 2026 को दूसरा सोमवार व्रत
    • 17 अगस्त 2026 को तीसरा सोमवार व्रत
    • 24 अगस्त 2026 को चौथा सोमवार व्रत

    sawan somwar 2026 (2)

    (Picture Credit: AI Generated) 

    सावन सोमवार व्रत पूजा समाग्री

    धतूरा, बेलपत्र, गंगाजल, गाय का दूध, दही, इलायची, लौंग, रुद्राक्ष, भस्म, सफेद चंदन, पान का पत्ता, बेलपत्र, शहद, शक्कर, घी, कपूर, रुइ की बत्ती, धूप, दीया, नैवेद्य

    इस तरह करें सावन सोमवार व्रत

    सुबह जल्दी उठें और स्नान करें- सावन सोमवार व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद साफ कपड़े धारण करें।

    व्रत का संकल्प लें- मंदिर की सफाई करने के बाद भगवान शिव के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें। इस दौरान किसी के बारे में कुछ गलत न सोचें। मन शांत होना चाहिए।

    पंचामृत से अभिषेक करें- इसके बाद भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। देसी घी दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रों का जप करें।

    व्रत कथा का पाठ करें- पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा का पाठ न करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इस दौरान शिव चालीसा का पाठ जरूर करें।

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    इन बातों का रखें ध्यान

    • व्रत के दौरान किसी से वाद-विवाद न करें।
    • काले रंग के कपड़े धारण न करें।
    • तामसिक चीजों का सेवन न करें।
    • घर और मंदिर की सफाई का ध्यान रखें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।