आखिर 4 महीने के लिए क्यों योगनिद्रा में चले जाते हैं भगवान विष्णु, कौन करता है सृष्टि का संचालन?
देवशयनी एकादशी से शुरू होने वाले चातुर्मास में भगवान विष्णु के चार महीने योगनिद्रा में जाने का कारण बताया गया है। यह लेख राजा बलि और वामन अवतार की पौर ...और पढ़ें

कब है देवशयनी एकादशी? (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत।
भगवान विष्णु चार महीने योगनिद्रा में रहते हैं।
राजा बलि और वामन अवतार की पौराणिक कथा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए एकादशी तिथि को शुभ माना जाता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 को है। इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है। चातुर्मास की शुरुआत के दिन से ही भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं।
चातुर्मास की अवधि चार महीने की होती है और देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन चातुर्मास का समापन होता है और शुभ और मांगलिक काम की शुरुआत होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान विष्णु 4 महीने के लिए क्यों सोते हैं? अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए आपको बताते हैं इसकी वजह के बारे में।

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क्यों सोते हैं 4 महीने के लिए भगवान विष्णु?
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु के 4 महीने की सोने की कथा राजा बलि से जुड़ी है। राजा बलि बड़े पराक्रमी और दानी थे। उन्होंने अपनी वीरता की वजह से स्वर्गलोक पर भी अपना अधिकार कर लिया था, जिसके बाद सभी देवताओं ने प्रभु से स्वर्ग में वापस आने की प्रार्थना की। इसके बाद भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया। जब भगवान विष्णु राजा बलि के पास भिक्षा के लिए मांगने पहुंचे। भगवान विष्णु ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी।
प्रभु की इस मांग को राजा बलि ने स्वीकार किया। इसके बाद भगवान वामन ने विशाल रूप में धारण किया और एक पग में पृथ्वी, दूसरे पग में स्वर्गलोक को नाप लिया। जब तीसरे पग को रखने के लिए कोई जगह नहीं मिली, तो राजा बलि ने अपना सिर भगवान के सामने झुका दिया।
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इसके बाद प्रभु ने तीसरे पग को राजा बलि के सिर पर रखा। साथ ही उन्हें पाताल लोक में वास करने का वरदान दिया। भगवान विष्णु राजा बलि की भक्ति को देख प्रसन्न हुए और उनसे वरदान मांगे के लिए कहा। प्रभु से राजा बलि ने पाताल लोक में साथ रहने का वरदान मांगा। राजा बलि के इस वरदान को प्रभु ने स्वीकार किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, राजा बलि के इस वरदान से भगवान विष्णु 4 महीने के लिए योग निद्रा में रहते हैं। जब भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं, तो सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं।
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