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    घर का मंदिर साफ करने का सही समय क्या है? जानें दिन के किस मुहूर्त में करनी चाहिए सफाई

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 07:00 PM (IST)

    शास्त्रों के अनुसार किस दिन और किस समय मंदिर की सफाई करने से मिलता है सकारात्मक फल। पढ़ें मंदिर सफाई के जरूरी नियम और बरतने वाली सावधानियां, जिससे घर ...और पढ़ें

    घर के मंदिर की सफाई । (Picture Credit- AI Generated)

    घर के मंदिर की सफाई । (Picture Credit- AI Generated)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में घर का सबसे पवित्र स्‍थान वही माना जाता है, जहां मंदिर होता है। यह केवल पूजा करने का स्थान नहीं, बल्कि भगवान का निवास स्‍थल भी होता है। इसलिए हिंदू धार्मिक शास्‍त्रों में मंदिर की साफ-सफाई का विशेष महत्व बताया गया है। मंदिर की सफाई के बारे में गरुड़ पुराण के आचार खंड और पूजा विधि अध्‍यायों में काफी कुछ बताया गया है। पुराण के अनुसार मंदिर को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और पूजा का पूरा फल प्राप्त हो सके। आइए जानते हैं कि घर के मंदिर की सफाई का सही समय क्या है और इसे करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

    घर के मंदिर की सफाई का सबसे सही समय

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर के मंदिर की सफाई ब्रह्म मुहूर्त के बाद और उषा काल में की जानी चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद और पूजा शुरू करने से पहले मंदिर की सफाई सबसे शुभ मानी जाती है। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर की सफाई नहीं करनी चाहिए, यह समय अपने शरीर की सफाई का होता है।

    सुबह मंदिर की सफाई करने के बाद भगवान को स्नान कराएं, दीपक जलाएं, फूल चढ़ाएं और फिर पूजा या भोग लगाएं। ऐसा करने से आस-पास के वातावरण को अधिक पवित्र माना जाता है।

    शाम या रात में मंदिर की सफाई करनी चाहिए या नहीं?

    धार्मिक मान्यता के अनुसार शाम ढलने के बाद या रात के समय मंदिर की गहरी सफाई करने से बचना चाहिए। खासकर मंदिर में झाड़ू-पोंछा या मंदिर की पूरी सजावट बदलने जैसे काम रात में नहीं करने चाहिए।

    अगर शाम की आरती या दीपक जलाने से पहले मंदिर में हल्की-फुल्‍की सफाई कर दी जाए, तो इससे कोई नुकसान नहीं होता है। आप साफ कपड़े से मंदिर को पोंछ सकते हैं। इसके बाद दीपक जलाकर नियमित पूजा की जा सकती है।

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    मंदिर की सफाई करते समय रखें इन बातों का ध्यान

    • मंदिर की सफाई शुरू करने से पहले हाथ-पैर अच्छी तरह धो लें। यदि संभव हो तो स्नान करके ही मंदिर की सफाई करें।
    • धार्मिक मान्यता है कि सफाई के बाद में मंदिर में गंगाजल का हल्का छिड़काव करना शुभ माना जाता है। इससे स्थान की पवित्रता बढ़ती है।

    मंदिर की सफाई किस दिन करनी चाहिए?

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर दिन मंदिर की थोड़ी बहुत सफाई की जा सकती है, मगर गहरी और विस्‍तार से सफाई करने के लिए शनिवार का दिन सबसे अच्‍छा रहता है। वहीं गुरुवार और एकादशी के दिन मंदिर की सफाई करने से बचना चाहिए।

    अत: घर के मंदिर की सफाई का सबसे अच्छा समय सुबह स्नान के बाद और पूजा से पहले माना जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।