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    Makar Sankranti 2026: हिंदू धर्म में काला रंग है अशुभ, तो फिर मकर संक्रांति पर इसे पहनना क्यों माना जाता है शुभ?

    Updated: Sat, 10 Jan 2026 12:00 PM (IST)

    हिंदू धर्म में काले रंग (Black Colour In Hinduism) को आमतौर पर अशुभ माना जाता है, लेकिन मकर संक्रांति पर इसका विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य देव अपने पु ...और पढ़ें

    Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति से जुड़ी प्रमुख बातें। (Image Caption Ai Generated)

    Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति से जुड़ी प्रमुख बातें। (Image Caption Ai Generated)

    HighLights

    1. मकर संक्रांति का दिन बेहद शुभ माना जाता है

    2. यह दिन भगवान सूर्य को समर्पित है

    3. 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कोई भी मांगलिक काम हो या पूजा-पाठ इसमें काले रंग के कपड़े पहनना (Black Colour In Hinduism)पूरी तरह से वर्जित माना गया है। इसे शोक, नकारात्मकता और अशुभता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2026) एक ऐसा पर्व है, जिस दिन काले रंग का महत्व बढ़ जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में भी 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के दिन लोग इस परंपरा का पालन करेंगे। आइए इसके पीछे का कारण क्या है? इस आर्टिकल में समझते हैं।

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    AI - Generated

    सूर्य और शनि के मिलन का प्रतीक (Makar Sankranti Black Clothes Significance)

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव के घर में गोचर करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सूर्य और शनि के बीच रिश्ते मधुर नहीं थे। लेकिन इस दिन सूर्य खुद अपने पुत्र के घर जाते हैं, क्योंकि मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं और उनका प्रिय रंग काला है, इसलिए इस दिन काले कपड़े पहनना फलदायी माना जाता है। साथ ही यह शनि देव के अशुभ प्रभावों से भी बचाता है।

    यह भी है एक कारण

    मकर संक्रांति का पर्व कड़ाके की ठंड के दौरान आता है। इस समय उत्तर भारत और महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में शीतलहर का प्रभाव काफी ज्यादा होता है। ऐसा मानते हैं कि काला रंग सूर्य की किरणों को सबसे अधिक अपनी ओर खींचता है, जिससे शरीर का तापमान गर्म बना रहता है और ठंड से सुरक्षा मिलती है। पुराने समय में जब हीटर जैसी सुविधाएं नहीं थीं, तब पूर्वजों ने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इस परंपरा को धर्म से जोड़ दिया था।

    महाराष्ट्र की 'हल्दी-कुमकुम' परंपरा (Makar Sankranti Traditions)

    विशेष रूप से महाराष्ट्र में मकर संक्रांति पर काली साड़ी पहनने का बड़ा महत्व है। यहां महिलाएं हल्दी-कुमकुम का उत्सव मनाती हैं। ऐसी मान्यता ऐसी मान्यता है कि काला रंग पहनने से नवविवाहितों और बच्चों को किसी की बुरी नजर नहीं लगती है। इसके साथ ही यह रंग नकारात्मक ऊर्जा से भी बचाता है और व्यक्ति को सुरक्षित रखता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।