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    गिलहरी की पीठ पर क्यों होती हैं धारियां? रामायण का यह प्रसंग कर देगा भावुक!

    Updated: Mon, 04 May 2026 12:34 PM (IST)

    रामायण में गिलहरी और भगवान श्री राम का प्रसंग बताता है कि गिलहरी की पीठ पर तीन धारियां कैसे आईं। यह कहानी सिखाती है कि हर छोटे से छोटे योगदान का भी वि ...और पढ़ें

    रामायण का रोचक प्रसंग (AI Generated Image)

    रामायण का रोचक प्रसंग (AI Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रामायण में कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनको बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इन्हीं में से एक गिलहरी और भगवान श्रीराम का प्रसंग है। यह प्रसंग बेहद भावुक है।
    इस प्रसंग से सीख मिलती है कि अपने पद और शक्ति पर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए। राम जी और गिलहरी का प्रसंग तब का है, जब वानर सेना समुद्र पर 'राम सेतु' का निर्माण कर रही थी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गिलहरी की पीठ पर धारियां क्यों है। अगर नहीं पता, तो आइए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।

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     (AI Generated Image)

    इस तरह पड़ी गिलहरी की पीठ पर धारियां

    राम जी और गिलहरी का वर्णन वाल्मीकि रामायण में देखने को मिलता है। पौराणिक कथा के अनुसार, रावण ने माता सीता का हरण कर उन्हें बंदी बना रखा था। भगवान श्रीराम माता सीता को रावण की कैद से छुड़ाने के लिए लंका जाना चाहते थे, लेकिन लंकापति रावण की लंका चारों तरफ पानी से घिरी हुई थी। इसलिए प्रभु श्रीराम ने लंका पहुंचने के लिए समुद्र में सेतु का निर्माण किया।

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    वानर ने गिलहरी का उड़ाया मजाक

    इस राम सेतु को वानर की सेना ने बनाया था। सेना पत्थरों को समुद्र में डालने का काम कर रही थी। तभी वहां पर एक गिलहरी आई और वो भी पुल को बनाने में मदद करने लगी। इस दृश्य को देखकर एक वानर हसने लगा। उसने गिलहरी के काम का मजाक उड़ाया। वानर ने गिलहरी से कहा कि तुम्हारे इस छोटे से काम से क्या होगा। तुम हमारे पैरों के नीचे आकर कुचली जाओगी। वानर की बात को सुनकर भगवान श्रीराम ने गिलहरी को बड़े प्यार से अपने हाथों में उठा लिया।

    भगवान श्रीराम ने कही ये बात

    उन्होंने वानर सेना से कहा कि हर योगदान का अपना विशेष महत्व होता है, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो। गिलहरी का यह समर्पण ही सबसे बड़ा भाव है। इसके बाद प्रभु राम ने आशीर्वाद और प्यार से गिलहरी की पीठ पर अपनी तीन उंगलियां फेरीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गिलहरी के शरीर पर राम जी की उंगलियों के निशान पड़ गए, जिससे वे तीन धारियां बन गईं। तभी से गिलहरियों के पीठ पर सफेद धारियां देखने को मिलती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।