स्मार्टफोन की लत कर देगी आपका भाग्य कमजोर! टॉयलेट में फोन क्यों नहीं ले जाना चाहिए
टॉयलेट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों नजरिए से हानिकारक है। यह आदत राहु के नकारात्मक प्रभाव ...और पढ़ें

टॉयलेट में फोन क्यों नहीं ले जाना चाहिए? (Picture Credits- AI Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में स्मार्टफोन जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हर कोई फोन पर कुछ न कुछ करता ही रहता है। कुछ लोग तो स्मार्टफोन के इतने आदि हो चुके हैं, कि वो टॉयलेट तक में फोन ले जाते हैं।
हममें से कई लोग ऐसे भी हैं, जो टॉयलेट में बैठे-बैठे फोन चलाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि, यह आदत आपके ग्रहों को भी खराब कर सकती है, जिसका सीधा प्रभाव आपके जीवन में देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं टॉयलेट में मोबाइल फोन क्यों नहीं ले जाना चाहिए।
शौच के समय फोन ले जाने से क्या होता है?
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। यहां तक कि लोग शौच के समय भी फोन का इस्तेमाल करना नहीं भूलते।
वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दृष्टिकोण से यह आदत बेहद खतरनाक है क्योंकि टॉयलेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया फोन की स्क्रीन पर चिपक जाते हैं, जो बाद में भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस आधुनिक आदत का एक बहुत गहरा ज्योतिषीय और ऊर्जात्मक पहलू भी है।
राहु की नकारात्मक ऊर्जा का बढ़ता प्रभाव
वैदिक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस आदत का ग्रहों से बहुत सीधा संबंध है>
राहु का आधिपत्य: घर का शौचालय अत्यंत अशुद्ध स्थान माना जाता है, जहां राहु का आधिपत्य होता है। वहीं दूसरी ओर, स्मार्टफोन, इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स सीधे तौर पर राहु और बुध की संयुक्त ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कमजोर होती मानसिक स्थिति: जब आप राहु के मुख्य स्थान टॉयलेट में बैठकर राहु के ही उपकरण यानी फोन का उपयोग करते हैं, तो आपकी कुंडली में राहु का असर कई गुना बढ़ जाता है। यह योग जातक की मानसिक स्थिति को सीधे प्रभावित करता है, जिससे अनिद्रा, मानसिक तनाव, निर्णय लेने में कमी और भ्रम की स्थिति पैदा होती है।

वास्तु दोष और आर्थिक नुकसान
वास्तु के नियमों के अनुसार, शौच के समय शरीर अपनी दूषित ऊर्जा बाहर निकाल रहा होता है।
बुद्धि का भ्रमित होना: दूषित ऊर्जा के निकास के समय फोन पर रील्स या मैसेज देखने से हमारा दिमाग उस नकारात्मकता को पुनः अवशोषित कर लेता है।
धन की हानि: इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति का भाग्य कमजोर होने लगता है, संचित धन व्यर्थ के कामों में खर्च होता है और बुद्धि भ्रमित हो जाती है। इसलिए, कुंडली में राहु को शुभ रखने और मानसिक शांति के लिए टॉयलेट के भीतर फोन का उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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