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मां लक्ष्मी का आशीर्वाद और सुहाग की निशानी, क्यों अधूरा है आलता के बिना महिलाओं का श्रृंगार?

Published: Wed, 19 Aug 2026 10:07 AM (IST)

16 श्रृंगार का अहम हिस्सा आलता या महावर सिर्फ सुंदरता ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसके धार्मिक और वैज्ञानिक फायदे भी ...और पढ़ें

महावर लगाने की परंपरा (AI-Generated Image)

महावर लगाने की परंपरा (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति और परंपराओं में महिलाओं का 16 श्रृंगार बहुत खास स्थान रखता है। यह सिर्फ खूबसूरत दिखने का जरिया नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरे धार्मिक कारण और वैज्ञानिक फायदे भी छिपे हैं। इन्हीं सोलह श्रृंगारों में से एक बेहद खूबसूरत और पवित्र हिस्सा पैरों में आलता या महावर लगाना भी माना गया है।

अक्सर आपने तीज-त्योहारों, शादी-ब्याह या किसी पूजा-पाठ के दौरान महिलाओं, कन्याओं और नव-वधुओं के पैरों में लाल-गुलाबी रंग की खूबसूरत डिजाइन देखी होगी। अवध समेत देश के कई हिस्सों में इसे महावर भी कहा जाता है। आइए समझते हैं कि आखिर आलता लगाना इतना शुभ क्यों माना जाता है और इसके क्या फायदे हैं।

धार्मिक महत्व और सौभाग्य का प्रतीक

हिंदू धर्म में लाल रंग को बेहद पवित्र, ऊर्जावान और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। आलता सुहाग की निशानी तो है ही, साथ ही इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप भी माना जाता है। मान्यता है कि शादी-ब्याह होने के बाद जब दुल्हन अपने नए घर में आलता लगे पैरों से प्रवेश करती है, तो घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसे सुखी शादीशुदा जिंदगी के लिए देवी-देवताओं के आशीर्वाद के तौर पर भी देखा जाता है।

यही नहीं, नवजात बच्चियों और कुंवारी कन्याओं को भी आलता लगाना बहुत शुभ मानते हैं। विवाह की रस्मों के दौरान कई जगहों पर दुल्हन के साथ-साथ दूल्हे के पैरों में भी महावर लगाने का रिवाज है।

स्वास्थ्य और मानसिक शांति के फायदे

महावर सिर्फ सुंदरता और परंपरा तक सीमित नहीं है। प्राचीन काल से ही पैरों में आलता लगाने के कई स्वास्थ्य लाभ भी रहे हैं। यह पैरों की त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और तनाव को कम करके मानसिक सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है।

संस्कृति की एक पहचान

उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में तो बिना महावर के दुल्हन का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। हालांकि, कुछ राज्यों में इसे हाथों में भी लगाया जाता है, लेकिन ज्यादातर इसे पैरों में ही रचाने की परंपरा है। यह रंग इतना पक्का और खूबसूरत होता है कि धोने के बाद भी हफ्ते भर तक पैरों की शोभा बढ़ाता रहता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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