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    सोने से पहले लीजिए ये जादुई संकल्प, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि और अटूट सफलता

    By Jagran NewsEdited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Mon, 25 May 2026 12:24 PM (IST)

    हमारी भावनात्मक शक्ति हमारी चेतना, चिंतन और जीवन आचरण शैली को प्रभावित एवं परिवर्तित करने की क्षमता रखती है। ...और पढ़ें

    सकारात्मक सोच और आत्म-चेतना: भाग्य बदलने की अचूक दिव्य विधि।

    सकारात्मक सोच और आत्म-चेतना: भाग्य बदलने की अचूक दिव्य विधि।

    ब्रह्मा कुमारी शिवानी, (प्रेरक वक्ता)। जीवन में सभी सुख शांति, समृद्धि व सफलता चाहते हैं। लेकिन, उसकी सही विधि क्या है, यह जानना आवश्यक है। क्योंकि, कहा गया है विधि से सिद्धि प्राप्त होती है। इस संदर्भ में भगवान को भाग्य विधाता यानी भाग्य बनाने वाला कहते हैं, परंतु ईश्वर कहीं बैठकर एक एक इंसान का भाग्य नहीं बनाते हैं, अपितु मनुष्यों को स्वयं भाग्य बनाने का ज्ञान देते हैं। वह ज्ञान या विधि है- संकल्प से सृष्टि। इसलिए कहते हैं, परमात्मा अपने श्रेष्ठ संकल्प से श्रेष्ठ सृष्टि बनाते हैं। उन श्रेष्ठ व शुभ संकल्पों को अपनाकर ही व्यक्ति अपनी सृष्टि यानी अपने भाग्य, संस्कार, संसार, कारोबार अथवा कर्म को श्रेष्ठ बना सकता है।

    मनुष्य की भाग्य निर्माण का आरंभ उसके संकल्प व सोच से होता है। हमारे सोच व संकल्प से भावनाएं, भावनाओं से वृत्ति, दृष्टि व दृष्टिकोण और उससे आचरण, स्वभाव, संस्कार एवं चरित्र आदि मिलकर हमारा भाग्य बनाते हैं। यह भी सच है कि हमारे संकल्पों से भावनाएं बनती हैं तो भावनाओं से भी संकल्प उत्पन्न होते हैं। हमारी भावनात्मक शक्ति हमारी चेतना, चिंतन और जीवन आचरण शैली को प्रभावित एवं परिवर्तित करने की क्षमता रखती है। हम अपनी चेतना और चिंतन को जितना अंतरात्मा व परमात्मा की स्मृतियों से समृद्ध व भरपूर रखते हैं, हमारी संकल्प, कर्म और भावनाएं भी उसके अनुरूप शुभ, श्रेष्ठ, सुखदाई एवं कल्याणकारी बन जाते हैं, जो न केवल हमारे, बल्कि हमारे आसपास के वातावरण, पर्यावरण व संसार को खुशहाल बना देते हैं।

    हमारी भावनात्मक शक्तियों को सिद्धि की ओर श्रेष्ठ गति, प्रगति व गुणवत्ता प्रदान करने तथा उसके तहत हमारे जीवन व समाज को सही दशा व दिशा देने हेतु कुछ श्रेष्ठ संकल्पों को हमे अपने दैनिक जीवन में सुनिश्चित रूप से अपनाने की आवश्यकता है। हमारी कल्याणकारी भावनात्मक शक्ति का दृढ़तापूर्वक प्रयोग जीवन की सुख शांति, समृद्धि व सफलता लाता है। इन श्रेष्ठ संकल्प व भावनाओं को अपनाएं और जीवन सुखमय को बनाएं। रात को सोने से पहले वाला संकल्प जादुई चमत्कार से कम नहीं है। रोज रात को सोने से पहले कुछ शुभ संकल्प कीजिए। संकल्प ऐसे नहीं करना चाहिए कि यह होना चाहिए या ऐसा होना चाहिए। संकल्प ऐसे करना है जैसे कि आप ऐसा कर चुके हैं।

    आइए कुछ संकल्प चुन लेते हैं, अपने भाग्य को ऊंचा बनाने के लिए -

    • - पहला संकल्प करें मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूं। मेरे जीवन में कुछ भी आ जाएं, मैं उससे बड़ा हूं। मेरा मन शक्तिशाली है। छोटी-छोटी बात तो क्या, बड़ी बात भी मुझे हिला नहीं सकती।
    • - मैं शांत और स्थिर हूं।
    • - मैं सदा खुश हूं। यह मेरा निजी स्वभाव है।
    • - मैं निडर वा निर्भय हूं।
    • - मैं देने वाला आत्मा हूं। मुझे किसी से कुछ नहीं चाहिए।
    • - मेरा शरीर स्वस्थ व निरोगी है और हमेशा रहेगा।
    • - मैं सबको स्वीकार करती हूं, मुझे भी सब स्वीकार करते हैं। मेरे सभी रिश्ते बहुत मजबूत हैं।
    • - मेरे शुभ कार्य में मेरी सफलता निश्चित है।
    • - परमात्मा की शक्तियों का मेरे चारों तरफ सुरक्षा कवच है। मैं एक ज्योति स्वरूप आत्मा हूं और मेरे चारों तरफ परमात्मा का दिव्य प्रकाश फैला हुआ है। मैं परमात्मा की छत्रछाया में सदा सुरक्षित हूं।

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