घर के मंदिर में 2 शंख रखना शुभ या अशुभ? क्या हैं वास्तु के नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में शंख रखना शुभ माना जाता है, लेकिन क्या एक साथ दो शंख ...और पढ़ें

घर में दो शंख रखने के वास्तु नियम और उनके शुभ-अशुभ प्रभाव
HighLights
शंख पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
घर के मंदिर में दो समान शंख न रखें।
एक शंख पूजा, दूसरा शंखनाद के लिए उपयोग करें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी शंख बजाने के बाद ऐसा महसूस किया है कि घर में इसे रखने का एक उचित स्थान और वास्तु नियम होते हैं? क्या शंख की ध्वनि से निकलने वाले ऊर्जा आपके आस-पास के वातावरण को प्रभावित करती है?
पुराने रीति-रिवाजों से लेकर आज के पूजा-घरों तक, हिंदू संस्कृति और वास्तु शास्त्र में शंख को आध्यात्मिक और पवित्र स्थान प्राप्त है। आम तौर पर, शंख पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं।
वास्तु की मानें तो शंख रखने के लिए घर का मंदिर सबसे अच्छा स्थान होता है और इसे हमेशा सही दिशा में ही रखने की सलाह दी जाती है जिससे इसके शुभ प्रभाव हो सकें। वहीं कई बार लोग घर में एक से ज्यादा शंख रखते हैं। आइए आपको बताते हैं क्या वास्तु के अनुसार एक से ज्यादा शंख घर के मंदिर में रखना ठीक है ?
घर में शंख रखने का महत्व क्या है?
शंख को हमेशा से ही पवित्र सामग्री माना जाता है और इसे घर के मंदिर में रखना बहुत शुभ माना जाता है। वेद, पुराण और महाभारत जैसे कई हिंदू धर्मग्रंथों में शंख को एक महत्वपूर्ण वस्तु बताया गया है। इसका आध्यात्मिक महत्व भी बहुत ज्यादा है। समुद्र मंथन के दौरान पांचजन्य शंख निकला था जिसकी आज भी पूजा की जाती है और यही नहीं शंख नाद से जो ध्वनि निकलती है उससे आस-पास का पूरा वातावरण पवित्र हो जाता है।
अत्यंत पवित्र सामग्री होने की वजह से ही हमेशा माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु के हाथ में शंख जरूर मौजूद होता है। यही नहीं जब भी किसी पूजा की शुरुआत या समापन होता है शंख से ध्वनि की जाती है जो पूजा की पूर्णता का संकेत होता है।
क्या आप घर में दो शंख रख सकते हैं?
जब प्रश्न आता है कि क्या घर में दो शंख रखे जा सकते हैं? तो वास्तु इस बात की अनुमति नहीं देता है। आपको कभी भी घर में एक जैसे दो शंख नहीं रखने चाहिए।
यदि आप दो शंख रख भी रहे हैं तो हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि एक शंख केवल पूजा के लिए इस्तेमाल करें और दूसरा शंखनाद के लिए।
आपको कभी भी एक साथ दो शंखों की पूजा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से वास्तु दोष हो सकता है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि दो शंखों से निकलने वाली ऊर्जाओं के बीच कोई टकराव या असंतुलन नहीं होना चाहिए। हर तरह के शंख में अलग-अलग तरह की ऊर्जा होती है इसलिए, अगर उन्हें सही तरीके से न रखा जाए, तो यह घर में वास्तु दोष या ऊर्जा में रुकावट का कारण बन सकते हैं। ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा भी प्रभावित होती है।
अगर आप भी घर के मंदिर में शंख रखती हैं तो वास्तु के सही नियमों का पालन करना जरूरी है जिससे किसी भी सकारात्मक ऊर्जा का ह्रास न हो सके। अगर आप घर में दो शंख रखते हैं तो उन्हें एक साथ नहीं रखना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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