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    Griha Pravesh Niyam: गृह प्रवेश के लिए कभी न चुने ये दिन, वास्तु टिप्स से मिलेगी मदद

    Updated: Thu, 13 Nov 2025 12:12 PM (IST)

    वास्तु शास्त्र के प्राचीन विज्ञान है, जिसकी सहायता से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वास्तु के अनुस ...और पढ़ें

    गृह प्रवेश के दौरान ध्यान रखें वास्तु के ये नियम। (AI Generated Image)

    गृह प्रवेश के दौरान ध्यान रखें वास्तु के ये नियम। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. शुभ मुहूर्त में किया जाता है गृह प्रवेश।

    2. वास्तु में बताए गए हैं गृह प्रवेश के नियम।

    3. गृह प्रवेश अनुष्ठान से बढ़ती है सकारात्मकता।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गृह प्रवेश एक जरूरी अनुष्ठान माना गया है, जो नए घर लेने के बाद किया जाता है और इसी के बाद नए घर में रहने की शुरुआत की जाती है। वास्तु शास्त्र में गृह प्रवेश को लेकर कुछ जरूरी नियम बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में गृह प्रवेश (Griha Pravesh ke Niyam) के लिए शुभ मुहूर्त, तिथि, वार और नक्षत्र के बारे में भी बताया गया है।

    ये दिन हैं शुभ

    वास्तु के अनुसार, गृह प्रवेश के लिए सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन को काफी शुभ माना गया है। अगर माह की बात करें, तो माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ के महीने को गृह प्रवेश के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं। इसके साथ ही शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी तिथि भी गृह प्रवेश के लिए शुभ मानी गई हैं।

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    (AI Generated Image)

    इन दिन न करें गृह प्रवेश

    वास्तु शास्त्र में माना गया है कि आपको कभी भी मंगलवार और शनिवार के दिन गृह प्रवेश कार्यक्रम नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही हिंदू पंचांग के अनुसार, रिक्ता तिथि जैसे चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी व अमावस्या, पूर्णिमा तिथि को गृह प्रवेश के लिए शुभ नहीं माना गया। इसके अलावा आषाढ़, सावन, भाद्रपद, आश्विन, पौष माह गृह प्रवेश के लिए शुभ नहीं माने जाते। इस बात का भी खासतौर से ध्यान रखें कि राहुकाल की अवधि में गृह प्रवेश अनुष्ठान नहीं करवाना चाहिए।

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    रखें इन बातों का ध्यान

    गृह प्रवेश अनुष्ठान के दौरान आप मुख्य द्वार को अशोक के पत्तों के तोरण से सजा सकते हैं। इसके साथ ही घर को सजाएं, दीपक जलाएं, और घर के सभी कमरों में कपूर और धूप जलाएं। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। नए घर में वास्तु पूजा भी जरूर करवानी चाहिए, ताकि आपको किसी तरह के वास्तु दोष का सामना न करना पड़े। वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों के अनुसार, नए घर में प्रवेश करते समय आपको सबसे पहले अपना दाहिना पैर आगे रखना चाहिए। ऐसा करना शुभ माना जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।