कहीं आपके घर में भी सीढ़ियों के नीचे है टॉयलेट और मंदिर? रुक सकती है तरक्की!
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट या मंदिर बनवाने से वास्तु दोष होता है, जिससे परिवार को आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का स ...और पढ़ें
-1778908176507_m.webp)
सीढ़ियों के नीचे न बनाएं टॉयलेट और मंदिर (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के नियम का पालन करने से घर में सकारत्मक ऊर्जा का वास होता है। इसलिए कहा जाता है कि घर को बनवाते समय वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जरूर जान लें। अक्सर लोग घर में जगह बचाने के लिए सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट और मंदिर बनवा लेते हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट और मंदिर होने से वास्तु दोष पैदा होता है और परिवार के सदस्यों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है, तो चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि घर में सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट और मंदिर क्यों नहीं होना चाहिए?
-1778908539240.jpg)
(Image Source: AI-Generated)
इसलिए नहीं होना चाहिए सीढ़ियों के नीचे मंदिर
सीढ़ियों का प्रयोग ऊपर नीचे आने जाने के लिए किया जाता हैं। ऐसे में सीढ़ियों के नीचे मंदिर होने से भगवान का अपमान माना जाता है, क्योंकि जब कोई सीढ़ियों पर चलता है, तो वह एक तरह से मंदिर के ऊपर पैर रख रहा होता है। वास्तु शास्त्र में इसे बेहद अशुभ माना जाता है।
सकारात्मकता का अभाव- घर का मंदिर एक ऐसी जगह होती है, जहां से पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सीढ़ियों के नीचे का कोना होता है। इसलिए यहां मंदिर होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और घर में ऊर्जा का संचार नहीं हो पाता। इसलिए सीढ़ियों के नीचे मंदिर नहीं होना चाहिए।
खबरें और भी
सीढ़ियों के नीचे टॉइलेट क्यों नहीं होना चाहिए?
राहु का प्रभाव- वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों को राहु की दिशा का प्रतीक माना जाता है और टॉयलेट से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है। इन दोनों का एक साथ होना घर में राहु दोष की समस्या बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य और धन की हानि- सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट होने से परिवार के सदस्यों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही आर्थिक तंगी की समस्या हो सकती है।
सीढ़ियों के नीचे रखें ये चीजें
सीढ़ियों के नीचे स्टोर रूम बना सकते हैं। इसके अलावा इनवर्टर रख सकते हैं या बंद कैबिनेट वाली शू-रैक बना सकते हैं।
मंदिर और टॉइलेट के लिए किस दिशा में होना चाहिए
वास्तु के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा को मंदिर के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। वहीं, टॉयलेट के लिए दक्षिण-पश्चिम को उत्तम माना जाता है। उत्तर-पूर्व टॉयलेट होने से होना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है।
यह भी पढ़ें- खूब दौड़ेगा आपका बंद पड़ा बिजनेस! घर की इस दिशा में आज ही लगाएं उगते सूरज की फोटो
यह भी पढ़ें- ऑफिस में तनाव कम करने के लिए अपनाएं ये वास्तु पहनावे के नियम!
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।