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    वास्तु के अनुसार कहां होनी चाहिए पानी की टंकी? जानें सही दिशा और उपाय

    Updated: Wed, 27 May 2026 01:38 PM (IST)

    घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए पानी की टंकी का वास्तु काफी महत्वपूर्ण है। जानिए छत पर पानी टंकी से जुड़े जरूरी वास्तु नियम? ...और पढ़ें

    घर की पानी टंकी का वास्तु नियम (Picture Credits- AI Generated Image)

    घर की पानी टंकी का वास्तु नियम (Picture Credits- AI Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर निर्माण से जुड़ा हर कार्य वास्तु के अनुसार होना चाहिए। यहां तक कि बात जब पानी की टंकी कि हो, तो विशेषकर ध्यान रखना चाहिए। पानी की टंकी का वास्तु के अनुरूप स्थान निर्धारित करना बेहद जरूरी है क्योंकि जल को प्रकृति के पंच तत्वों में से एक माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन पांच तत्वों को व्यवस्थित करने से घर में सामंजस्य और सकारात्मक माहौल बना रहता है। आजकल घरों और बड़ी-बड़ी इमारतों में पानी को स्टोर करने के लिए छत पर बड़े-बड़े टैंक लगाएं जाते हैं।

    विशेषकर प्लास्टिक के टैंक काफी सामान्य हो गए हैं। ये टैंक अलग-अलग आकार और डिजाइनों के साथ आते हैं, जिनमें हजारों लीटर पानी जमा किया जा सकता है। इतनी ज्यादा मात्रा में पानी का जमा होना बेहद महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है, जो घर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है।

    छत पर पानी की टंकियों के लिए वास्तु संबंधी नियम

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर चीज सही स्थान और अच्छी स्थिति में होनी चाहिए। यह नियम पानी की टंकियों पर भी लागू होता है। पानी की टंकियों को अलग-अलग दिशाओं में रखने से इसका प्रभाव भी अलग पड़ता है। यह प्रभाव अच्छे और बुरे दोनों हो सकते हैं।

    ज्यादातर ग आमतौर पर छत की टंकियों को दो जगहों पर रखते हैं, छत के ऊपर या जमीन के नीचे। वास्तु की माने तो इन दोनों ही स्थानों के प्रभाव अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं।

    छत पर पानी की टंकी उत्तर पूर्व दिशा में रखने से शांति और समृद्धि के लिए सही मानी जाती है, जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशा नकारात्मक प्रभाव दिखाती है, इससे आर्थिक स्थिरता और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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    घर की पानी की टंकी का वास्तु नियम

    पानी की टंकी कहां नहीं रखनी चाहिए?

    कभी भी टंकी को सीढ़ियों के नीचे नहीं रखें, क्योंकि इससे मानसिक तनाव के साथ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

    मुख्य एंट्री गेट के ऊपर भी पानी की टंकी नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि इससे घर की ऊर्जा भारी होने के साथ असंतुलित हो सकती है। पानी की टंकियों को बीम के नीचे में स्थापित नहीं करनी चाहिए।

    अगर आपने गलत दिशा में पानी की टंकी स्थापित कर दी है, और उसे हटाना संभव नहीं है, तो इसके लिए आप टंकी पर सफेद रंग का पेंट कर दें। ऐसा करने से काफी हद तक वास्तु दोष का प्रभाव कम हो जाता है।

    भूमिगत और छत पर बने टैंकों का वास्तु शास्त्र में अपना-अपना महत्व है।

    टैंक प्रकार प्रतिनिधित्व तत्व सही दिशा लाभ
    जमीन के अंदर जल तत्व उत्तर पूर्व या उत्तर समृद्धि और मानसिक शांति
    जमीन के ऊपर पृथ्वी तत्व दक्षिण-पश्चिम-पश्चिम स्थिरता और संतुलन

    पानी टैंक से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान

    पानी की टंकी से जुड़ी वास्तु समस्याओं को सही करने के लिए सबसे पहले नियमित रूप से रखरखाव जरूरी है।

    इसके अलावा महीने में कम से कम 1 से 2 बार टंकियों को साफ रखना चाहिए। इसके अलावा ढक्कन टूटे हुए हैं, तो उन्हें फौरन बदलें।

    टंकी के लिए सही रंगों का चुनाव करें। सफेद, धूसर और पीला रंग छतों के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है, लेकिन लाल, हरे और नारंगी रंगों से बचें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।