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    किचन में मंदिर होना शुभ या अशुभ? जान लें वास्तु के ये कड़े नियम, वरना नहीं मिलेगा शुभ फल

    Updated: Mon, 25 May 2026 03:20 PM (IST)

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में मंदिर बनाना शुभ नहीं माना जाता है, जिसके पीछे झूठे बर्तन, तामसिक भोजन और कचरे का डिब्बा जैसे कारण बताए गए हैं। ...और पढ़ें

    घर में कहां बनाएं पूजा का स्थान? (Picture Credit- AI Generated)

    घर में कहां बनाएं पूजा का स्थान? (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में किचन और मंदिर को विशेष महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। किचन को माता अन्नपूर्णा का स्थान कहा जाता है और मंदिर में देवी-देवताओं का वास होता है, जहां से घर में सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।

    कई लोग किचन में ही मंदिर को बनवा लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में किचन में मंदिर बनवाना शुभ नहीं माना जाता है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा की किचन में पूजा का स्थान क्यों नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में आइए आपको बताते हैं इसकी वजह के बारे में

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    (Picture Credit- AI Generated)

    किचन में मंदिर न होने के कारण

    झूठे बर्तन- भोजन करने के बाद किचन में झूठे बर्तन रखें जाते हैं और मंदिर एक पवित्र स्थान है। ऐसे में किचन में झूठे बर्तनों को रखने से वहां की ऊर्जा प्रभावित होती है और भगवान का अपमान होता है। इसलिए भूलकर भी किचन में मंदिर नहीं बनवाना चाहिए।

    तामसिक भोजन- कई घरों में प्याज, लहसुन या मांसाहारी का सेवन किया जाता है। ऐसे में जब यह खाना किचन में बनाया जाता है, तो इससे किचन में मंदिर होने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है, जिसका प्रभाव परिवार के लोगों पर पड़ेगा।

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    कचरे का डिब्बा- किचन में डस्टबिन भी रखा जाता है। इसलिए किचन में मंदिर को भूलकर भी नहीं बनवाना चाहिए।

    मंदिर के लिए कौन-सी दिशा है शुभ?

    वास्तु के अनुसार, मंदिर के लिए ईशान कोण को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिशा में बृहस्पति और देवता भगवान शिव का वास होता है। इस दिशा में साधना करने से साधक के मन को शांति मिलती है। इसके अलावा पूर्व या उत्तर दिशा में भी मंदिर का निर्माण कर सकते हैं।

    इन बातों का रखें ध्यान

    सीढ़ियों के नीचे- मंदिर भूलकर भी सीढ़ियों के नीचे नहीं होना चाहिए। इससे सीढ़ियों के ऊपर से लोगों के आने-जाने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है।

    बाथरूम के पास या सामने- मंदिर को बाथरूम के पास या सामने नहीं होना चाहिए। साथ ही ध्यान रखें कि मंदिर के ऊपर टॉयलेट नहीं होना चाहिए।

    बेडरूम- वास्तु के अनुसार, बेडरूम में मंदिर अच्छा नहीं माना जाता। मंदिर को घर की ऐसी जगह पर नहीं बनवाना चाहिए, जहां सोते समय आपके पैर भगवान की तरफ हों।

    बेसमेंट- इसके अलावा मंदिर को घर के बेसमेंट में बनवाने से बचना चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।