बाथरूम की ये छोटी गलतियां बिगाड़ सकती हैं घर का वास्तु, जानें बाल्टी को लेकर क्या है नियम?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में पानी से जुड़ी चीजें सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा दोनों प्रवाहित करती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में।

बाथरूम से जुड़े वास्तु दोष का रखें ध्यान (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वास्तु शास्त्र में जल तत्व को काफी खास माना जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में पानी से जुड़ी चीजें सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा प्रवाहित करती हैं। यही वजह है कि, बाथरूम, रसोई औप पानी रखने की जगह को खास दिशा और नियमों से जोड़ा जाता है।
वास्तु शास्त्र में खालीपन को नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। इसी आधार पर कुछ वास्तु से जुड़े सलाहकारों का मानना है कि, नहाने के बाद कभी भी खाली बाल्टी छोड़ना मानसिक अस्थिरता के साथ ऊर्जा के प्रवाह को असंतुलन करने का काम करता है।
हालांकि इस तरह की बातों को लेकर किसी भी प्राचीन ग्रंथ में साफतौर पर श्लोक देखने को नहीं मिलता, लेकिन आधुनिक वास्तु विशेषज्ञ इसे प्रतीकात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखते हैं।
बाथरूम से जुड़ी कौन-सी गलतियों से बचें?
बाथरूम में यदि बाल्टी को पूरी तरह से खाली रखना हो, तो उसे उल्टा रखना ही बेहतर होता है। इसके पीछे का असल कारण बताया जाता है कि, उल्टी बाल्टी रुकी हुई ऊर्जा का संकेत नहीं देती है।
वहीं कुछ लोग बाल्टी में साफ पानी भरकर रखने की सलाह देते हैं, ऐसा करने के पीछे माना जाता है कि, पानी समृद्धि और शांति का प्रतीक है।
आधुनिक वास्तु विशेषज्ञ बाथरूम के लिए नीले रंग की बाल्टी को शुभ बताते हैं। वास्तु में नीला रंग जल तत्व को प्रतिनिधित्व करता है। यही कारण है कि, कई वास्तु सलाहकार बाथरूम में नीले या हल्के रंगों के इस्तेमाल शुभ मानते हैं। हालांकि इसके पीछे कोई धार्मिक नियम नहीं, बल्कि रंगों का मनोवैज्ञानिक और ऊर्जा आधारित तर्क है।

इन कामों से आती है अशुभता
इसके अलावा बाथरूम में हमेशा गंदा पानी जमा रहना वास्तु दोष के साथ अनेक बीमारियों की वजह बनता है।
बाथरूम में बालों का जमा होना भी अशुभ माना जाता है। बाथरूम में टूटे हुए बाल छोड़कर बाहर आने से मंगल और शनि नाराज होते हैं।
बाथरूम में गीले कपड़े छोड़ने की आदत भी वास्तु के नजरिए से अशुभ मानी जाती है।
बाथरूम में पानी का रिसाव होना भी सही नहीं माना जाता है। पानी रिसाव के कारण वित्तीय नुकसान औ बेवजह के खर्च बढ़ सकते हैं।
यह भी पढ़ें- घर के मंदिर में सूखे फूल रखना शुभ या अशुभ, तुरंत जान लें क्या कहता है वास्तु शास्त्र?
यह भी पढ़ें- फटे कपड़े पहनने से जीवन पर क्या पड़ता है असर? वास्तु शास्त्र में बताई गई हैं ये मान्यताएं
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।