घर के मंदिर में सूखे फूल रखना शुभ या अशुभ, तुरंत जान लें क्या कहता है वास्तु शास्त्र?
क्या घर के मंदिर में सूखे फूल रखना अशुभ होता है? आइए वास्तु शास्त्र के अनुसार जानते हैं। ...और पढ़ें

Vastu Tips: कहीं आपके घर में भी तो नहीं रखे हैं सूखे फूल?
HighLights
सूखे या बासी फूल घर में दरिद्रता को आमंत्रित करते हैं
ताजे फूल देवी-देवताओं को प्रिय होते हैं
सूखे हुए फूल चढ़े रहने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान देवी-देवताओं को ताजे, सुंगधित और सुंदर फूल अर्पित करने की परंपरा सदियों पुरानी है। फूल भगवान के श्रद्धा, पवित्रता और खुशियों के प्रतीक माने जाते हैं। लेकिन अक्सर लोग जाने-अनजाने में भगवान को चढ़ाए गए फूलों को मंदिर में ही छोड़ देते हैं, जो बाद में वहीं सूख जाते हैं। कुछ लोग सूखे फूलों को घर में सहेज कर रखते हैं। आइए जानते हैं कि धार्मिक और वास्तु शास्त्र की दृष्टि से घर के मंदिर या कमरे में सूखे फूल रखना शुभ होता है या अशुभ?

AI-Generated Image
नकारात्मक ऊर्जा में बदल जाते हैं
वास्तु के अनुसार, ताजे फूल अपने साथ सकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं। वहीं, जैसे ही फूल सूख जाते हैं, वे नकारात्मक ऊर्जा में बदल जाते हैं। अगर घर के मंदिर जैसी पवित्र जगह पर सूखे हुए फूल रखे रहते हैं, तो वे वहां की पूरी सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देते हैं। इससे घर के सदस्यों के विचारों में नकारात्मकता आने लगती है और बेवजह मानसिक तनाव बढ़ता है।
धार्मिक मान्यता
धार्मिक दृष्टि से भगवान को हमेशा सात्विक और ताजी चीजें ही अर्पित की जाती हैं। शास्त्रों में बासी या सूखे फूलों को अपवित्र वस्तु के समान माना गया है। खिले हुए फूलघर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर धन का आगमन बनाए रखते हैं। सूखे और बासी फूलों से घर में दरिद्रता का वास होता है। इससे व्यापार और नौकरी में घाटा लगता है।
वहीं, जब हम मंदिर में सूखे फूल छोड़ देते हैं, तो यह देवी-देवताओं का अनादर माना जाता है। खासकर धन की देवी माता लक्ष्मी ऐसे स्थान पर कभी वास नहीं करतीं, जहां अपवित्रता या बासी फूल रखे हों।
ज्योतिषीय कारण
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूखे फूल सीधे तौर पर राहु, केतु और शनि जैसी नकारात्मक ग्रहों की ऊर्जा को बढ़ाते हैं। मंदिर में सूखे फूल रखने से घर का गुरु ग्रह कमजोर होता है, जो सुख, सौभाग्य और बुद्धि का कारक है। इसके साथ ही इससे बच्चों की पढ़ाई में बाधा आती है और परिवार के मुखिया की उन्नति रुक जाती है।
खबरें और भी
शास्त्रों का नियम
सनातन परंपरा के अनुसार, सुबह चढ़ाया गया फूल शाम को या अगले दिन सुबह की पूजा से पहले निश्चित रूप से हटा देना चाहिए। इन सूखे फूलों को कचरे में फेंकने के बजाय किसी गमले की मिट्टी में दबा देना चाहिए या बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।
यह भी पढ़ें- सूर्यास्त के बाद क्यों वर्जित हैं ये 5 काम? वास्तु शास्त्र बताते हैं इसका गहरा कारण
यह भी पढ़ें- वास्तु शास्त्र: मोरपंख रखने की ये 5 गलत जगहें बदल सकती हैं आपकी किस्मत, हो सकता है बड़ा नुकसान
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।