आपके लिए आफत बन सकती है चप्पल-जूते उल्टे रखने की आदत, आज ही करें सुधार
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में उल्टी चप्पलें रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे परिवार में कलह और अशांति फैल सकती है। ...और पढ़ें

उल्टी चप्पल रखने की आदत से बचें (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
उल्टी चप्पलें घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं
शनि देव और मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकते हैं
जूते-चप्पल हमेशा व्यवस्थित और सही दिशा में रखें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आपने अक्सर घर के बड़े-बूढ़ों को यह कहते हुए सुना होगा कि चप्पल कभी भी उल्टी करके नहीं रखनी चाहिए, वरना इससे घर में लड़ाई-झगड़े बढ़ने लगते हैं। यह बात सिर्फ बड़े-बुजुर्गों की सलाह तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी इसके कई नुकसान बताए गए हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में।
क्या कहता है वास्तु शास्त्र?
वास्तु शास्त्र में जूते-चप्पलों का सीधा संबंध व्यक्ति के भाग्य, धन और शनि ग्रह से माना जाता है। ऐसे में अगर आप घर में खासकर मुख्य द्वार पर गलती से उल्टी चप्पलें रख देते हैं, तो यह नकारात्मक ऊर्जा में बढ़ोत्तरी का कारण बन सकता है, जिससे घर में अशांति फैलती है और लड़ाई-झगड़े बढ़ने लगते हैं। इसलिए जितना जल्दी हो सके अपनी इस आदत को सुधार लेना चाहिए। वहीं अगर आपको उल्टा रखा हुआ जूता या चप्पल दिखाई देता है, तो इसे तुरंत सीधा कर देना चाहिए।
इसके साथ ही अगर व्यावहारिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो उल्टी चप्पल होने पर जमीन पर रहने वाला गंदा हिस्सा ऊपर की ओर आसमान की तरफ हो जाता है। इस पर धूल-मिट्टी और कीटाणु जमा होते हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से भी हानिकारक माने गए हैं। इसलिए भी चप्पल-जूतों को उल्टा रखने की मनाही है।

(Picture Credit: Freepik)
हो सकते हैं ये नुकसान
- वास्तु और ज्योतिष शास्त्र दोनों की ही दृष्टि से घर में उल्टे जूते-चप्पल रखने से सकारात्मक ऊर्जा पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
- ऐसा माना जाता है कि उल्टी चप्पल होने से घर के सदस्यों के बीच बहस और लड़ाई-झगड़े होते हैं।
- हिंदू धर्म में पैरों को शनि का कारक माना जाता है ऐसे में उल्टे जूते-चप्पल रखने से शनिदेव रुष्ट हो सकते हैं।
- ऐसा करने से मां लक्ष्मी भी आपसे अप्रसन्न हो सकती हैं, जिससे घर में दरिद्रता आती है।
- ऐसी मान्यता है कि उल्टे जूते-चप्पल रखने से घर में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
ध्यान रखें ये बातें
- जूते-चप्पल को हमेशा रैक (Shoe Rack) में ही रखना चाहिए।
- घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में शू-रैक रख सकते हैं, इससे घर की ऊर्जा संतुलित बनी रहती है।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, जूते-चप्पलों को हमेशा व्यवस्थित तरीके से रखें।
- शू रैक इस तरह का होना चाहिए, जिसमें जूते-चप्पल नजर न आएं। आप कैबिनेट या अलमारी का उपयोग भी कर सकते हैं।
- कभी भी घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में जूते-चप्पल न रखें, क्योंकि यह दिशा देवी-देवताओं और सकारात्मक ऊर्जा का स्थान होती है।
- मुख्य द्वार या प्रवेश द्वार के ठीक सामने कभी भी जूते न उतारें।
- अगर आपका शूरैक बाहर रखा है, तो उसे दरवाजे के दाईं या बाईं ओर रखें।
- घर में कभी भी फटे, पुराने या अनुपयोगी जूते-चप्पल न रखें। इससे घर में दरिद्रता आती है।
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