घर की उत्तर-पूर्व दिशा में बनी 3 चीजों से होता है वास्तु दोष, छिन जाएगा सुख और चैन
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में कुछ चीजों का निर्माण गंभीर वास्तु दोष पैदा कर ...और पढ़ें
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तरक्की रोक देती हैं उत्तर-पूर्व में बनी ये 3 चीजें (AI Generated Image)

समय कम है?
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धर्म डेस्क,नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में सभी दिशाओं को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। घर की सभी दिशा की अपनी एक खास ऊर्जा होती है। वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा से जुड़े नियम के बारे में बताया गया है। इस दिशा को ईशान कोण के नाम से भी जाना जाता है। ईशान कोण को जल तत्व और ईश्वरीय ऊर्जा का केंद्र माना जाता है।
इसलिए इस दिशा को हमेशा हल्का और खुला रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में कुछ चीजों को बनाने से घर में गंभीर वास्तु दोष हो सकता है, जिसकी वजह से परिवार के सदस्यों को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु दोष का प्रभाव तरक्की, स्वास्थ्य और शांति पर पड़ता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि घर की उत्तर-पूर्व दिशा में किन चीजों को नहीं बनाना चाहिए।
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1. टॉयलेट
घर की उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दिशा में टॉयलेट को भूलकर भी नहीं बनवाना चाहिए। इस गलती को करने से सबसे गंभीर वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है, जिसका नकारात्मक प्रभाव परिवार के सदस्यों पर पड़ता है। साथ ही धन की भारी हानि होती है। इसलिए टॉयलेट दक्षिण, पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
2. किचन
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करती है और किचन अग्नि तत्व का प्रतीक है। जब जल और अग्नि का टकराव होता है, तो ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे परिवार के लोगों में गुस्सा और मानसिक अशांति बढ़ती है। साथ ही स्वास्थ्य बुरा प्रभाव पर पड़ता है। खर्चे बढ़ने लगते हैं।
3. भारी सीढ़ियां
वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में भारी निर्माण भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ईशान कोण में सीढ़ियां बनाने से इस दिशा में भारीपन आ जाता है। तरक्की में बाधा आ सकती है। साथ ही कर्ज बढ़ने और मानसिक तनाव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में सीढ़ियां दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनानी चाहिए। वास्तु के इस नियम का पालन करने से कोई भी दोष उत्पन्न नहीं होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही कामों में सफलता मिलती है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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