घर में जरूरत से ज्यादा 'शीशे' लगाना पड़ सकता है भारी, वास्तु में बताए गए हैं ये नियम
घर में जरूरत से ज्यादा शीशे लगाना वास्तु शास्त्र के अनुसार शुभ नहीं माना जाता। जानें शीशे लगाने के सही नियम, किन दिशाओं में इन्हें रखना चाहिए, किन स्थ ...और पढ़ें

मुख्य द्वार पर शीशा लगवाना, नकारात्मकता को दावत देना है । (Picture Credit- magnific)
HighLights
घर में केवल दो शीशे, पूर्व और उत्तर दिशा में लगाएं।
बेडरूम में एक शीशा रखें, बेड का प्रतिबिंब न दिखे।
मुख्य द्वार पर शीशा लगाने से बचें, सकारात्मक ऊर्जा रुकती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की छोटी-छोटी चीजों के प्रभावों पर बात की गई है और शीशा उनमें से एक है। वर्तमान समय में शीशा केवल एक जरूरत का सामान नहीं बल्कि घर को सजाने-संवारने का सामान है। इस वजह से घरों में एक या दो नहीं बल्कि शीशों की पूरी-पूरी दीवारें होती हैं, मगर वास्तु के लिहाज से इसका घर पर क्या असर पड़ता है और घर में सकारात्मक प्रभाव बना रहे इसके लिए शीशों की कितनी संख्या होनी चाहिए, आज हम इस पर बात करेंगे।
घर में कितने शीशे होने चाहिए
वास्तु शास्त्र की गणित के हिसाब से तो घर में केवल दो शीशे ही होने चाहिए। एक पूर्व दिशा में लगा होना चाहिए और दूसरा दिशा उत्तर में। उत्तर दिशा धन की मानी गई है, पूर्व दिशा सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करने वाली होती है। यदि इन दोनों दिशा में एक से अधिक शीशे लगा दिए जाएंगे, तो यह एक-दूसरे का प्रतिबिंब बनाएंगे। यदि ऐसा होता है, तो उस घर में रहने वाले लोगों के मन में बेचैनी पैदा होती है। यदि एक ही दिशा में दो शीशे लगाने भी हैं, तो उन्हें एक-दूसरे से सटाकर कभी भी नहीं लगाना चाहिए।
बेडरूम में 1 से अधिक शीशा नहीं होना चाहिए
बेडरूम के अंदर तो कभी भी एक से अधिक शीशा नहीं लगना चाहिए। यदि आप लगाते भी हैं, तो एक शीशे को हमेशा कवर करके रखें। दरअसल, वास्तु के हिसाब से शीशे में कभी भी आपके शरीर और बेड का प्रतिबिंब नहीं दिखना चाहिए। यदि ऐसा होता है, तो नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और इससे रिश्तों में खटास पैदा होती है।

(Picture Credit- magnific)
बाथरूम में 2 शीशे कभी नहीं लगाएं
वास्तु के हिसाब से बाथरूम में 2 शीशे कभी नहीं लगाने चाहिए। घर में बाथरूम ऐसा स्थान होता है, जहां सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। शीशे में हर तरह की ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करने की शक्ति होती है। यदि इसलिए जरूरत के अनुसार केवल एक ही शीश बाथरूम में लगवाएं, ताकि कम से कम नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
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मुख्य द्वार पर शीशा न लगाएं
शीशा किसी भी तरह की ऊर्जा को अपने अंदर समाहित कर लेता है। ऐसे में मुख्य द्वार पर एक भी शीशा लगाने का मतलब है कि सकारात्मक ऊर्जा यदि आपके घर के अंदर प्रवेश करेगी भी तो बाहर से ही लौट जाएगी। हालांकि, मुख्य द्वार पर लगा शीशा घर के अंदर किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवेश रोक देगा, मगर घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालना फिर मुश्किल हो जाएगा।
अत: आप यदि घर में शीशा लगवा रही हैं, तो वास्तु नियमों का पालन जरूर करें, ताकि आपके घर में सकारात्मकता बनी रहे।
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