पश्चिम मुखी घर है तो रसोई इस दिशा में बनाएं, नहीं तो वास्तु दोष के कारण इन 3 गंभीर समस्याओं का करना पड़ सकता है सामना
पश्चिम मुखी घरों में रसोई की सही दिशा का पालन करना महत्वपूर्ण है, अन्यथा आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और पारिवारिक कलह जैसी गंभीर परेशानियां ...और पढ़ें

रसोई को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में होनी चाहिए । (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा के स्वामी वरुण देव होते हैं और इस दिशा का स्वामी ग्रह शनि है। यदि आपने नया घर लिया है और वह पश्चिममुखी है, तो कुछ वास्तु नियमों का पालन करना आपके लिए बहुत जरूरी है। खासतौर पर आपको पश्चिम मुखी घरों में रसोई की दिशा हमेशा सही रखनी चाहिए, नहीं तो कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। चलिए हम आपको बताते हैं कि वास्तु शास्त्र में पश्चिम मुखी घर के लिए रसोई की कौन सी दिशा बताई है और यदि सही दिशा में रसोई नहीं होती है, तो उसके क्या नुकसान हो सकते हैं।
पश्चिम मुखी घर की रसोई कहां होनी चाहिए?
वास्तु के अनुसार पश्चिम मुखी घर है, तो रसोई को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। दक्षिण-पूर्व दिशा में आग्नेय कोण होता है। यह दिशा अग्नि देवता की होती है। रसोई के लिए इससे अच्छी दिशा और कोई नहीं हो सकती क्योंकि यहां खाना पकाने से घर वालों की सेहत अच्छी बनी रहती है। साथ ही, घर में बरकत आती है।
वहीं दूसरी तरफ उत्तर पश्चिम दिशा में वायव्य कोण होता है। इस दिशा के स्वामी चंद्रमा होते हैं। चंद्रमा का भी सीधा संबंध सेहत से होता है। इसलिए इस दिशा में भी किचन बनाया जा सकता है।
सही दिशा में रसोई न होने के प्रभाव
आर्थिक तंगी
घर में अगर सही दिशा में रसोई नहीं होगी, तो घर में पैसों को लेकर हमेशा दिक्कत बनी रहेगी। खासतौर पर जो घर का मुखिया होगा वह अपनी नौकरी में कभी भी खुश नहीं रहेगा। वहीं व्यापारियों को हमेशा काम में घाटा होगा या फिर धोखा मिलेगा।
सेहत को नुकासन
इन दोनों दिशाओं के अलावा किसी और दिशा में रसोई का होना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसा होने पर घर में सदैव बीमारियां बनी ही रहेंगी। घर का कोई न कोई सदस्य बीमारी से परेशान रहेगा। हो सकता है घर में किसी को पेट से जुड़ी परेशानी हो, तो किसी को अन्य कोई गंभीर बीमारी भी हो सकती हैं।
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गृह क्लेश
रसोई के तार पारिवारिक रिश्तों से भी जुड़े होते हैं। रसोई यदि सही स्थान पर नहीं है, तो घर में हमेशा किसी न किसी बात को लेकर क्लेश बना रहता है। कई बार तो परिवार के सदस्यों की आपस में इतनी ज्यादा बिगड़ जाती है कि रिश्ते ही टूट जाते हैं। रसोई का सही दिशा में न होना अलगाव के भी संकेत देता है। ऐसे घरों का बंटवारा हो जाता है या भाई-भाई की रसोइयां अलग-अलग होती हैं।
अतः घर में रसोई की दिशा हमेशा सही होनी चाहिए, क्योंकि इससे धन, सेहत और रिश्ते तीनों जुड़े होते हैं।
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