छोटी-छोटी बातों पर बात तलाक तक पहुंच गई है, घर की दक्षिण-पश्चिम में करें ये काम दूर हो जाएगा मन-मुटाव
पति-पत्नी के बीच मनमुटाव और तलाक तक पहुंचने वाले झगड़ों को सुलझाने के लिए वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम दिशा के महत्व पर जोर दिया गया है। ...और पढ़ें

पति-पत्नी का बेडरूम इसी दिशा में रखें (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पति-पत्नी के बीच कभी-कभी छोटी-छोटी बातों को लेकर मतभेद होना सामान्य है, लेकिन जब छोटी-छोटी लड़ाइयां बड़ा रूप ले लें और बात तलाक तक पहुंच जाए, तो स्थिति गंभीर हो जाती है।
हालांकि, रिश्तों में मन मुटाव को केवल आपसी बातचीत से दूर किया जा सकता है, मगर घर पर इसके लिए सकारात्मक माहौल जरूर बनाया जा सकता है। वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम दिशा को वैवाहिक स्थिरता, विश्वास और रिश्तों की मजबूती से जोड़ा जाता है। इस दिशा के स्वामी राहु हैं।
राहु कमजोर होता है तो रिश्तों में भ्रम पैदा होता है और यदि मजबूत होता है तो अत्यधिक आकर्षण और मोह पैदा होता है, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि ऐसे कपल्स को अपना रिश्ता बचाने के लिए क्या करना चाहिए।
कपल का बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें
वास्तु शास्त्र में दंपति के बेडरूम के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे उपयुक्त माना गया है। यह दिशा रिश्तों में स्थिरता, सुरक्षा और आपसी विश्वास का प्रतीक मानी जाती है। यदि संभव हो तो पति-पत्नी का बेडरूम इसी दिशा में रखें। साथ ही कमरे को हमेशा साफ-सुथरा, व्यवस्थित और शांत रखें। बेड के सामने या आसपास टूटा हुआ फर्नीचर, बेकार सामान या नकारात्मक भाव जगाने वाली वस्तुएं रखने से बचें।
दक्षिण-पश्चिम दिशा में कपल की तस्वीर लगाएं
रिश्तों में प्रेम और अपनापन बनाए रखने के लिए इस दिशा में पति-पत्नी की मुस्कुराती हुई तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है। ऐसी तस्वीर सकारात्मक भावनाओं को बढ़ाने का प्रतीक मानी जाती है। ध्यान रखें कि तस्वीर में दोनों प्रसन्न और साथ दिखाई दें। इस दिशा में कोई भी ऐसी तस्वीर न लगाएं, जिसमें दोनों में एक भी प्रसन्न नजर न आ रहा हो।
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प्रेम के प्रतीक से करें सजावट
दक्षिण-पश्चिम दिशा में प्रेम और एकता का प्रतीक मानी जाने वाली सजावटी वस्तुएं रखी जा सकती हैं। जैसे दो पक्षियों, दो हंसों या जोड़े का प्रतीक दर्शाने वाली कलाकृतियां रखने से पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है। ऐसे प्रतीकों को वास्तु में आपसी सामंजस्य और भावनात्मक जुड़ाव का संकेत माना जाता है।
साफ-सफाई और संतुलन का रखें ध्यान
दक्षिण-पश्चिम दिशा में गंदगी, टूटा सामान या अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इस स्थान को साफ और व्यवस्थित रखने से घर का माहौल अधिक शांत और सकारात्मक रहता है।
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अत: ऊपर बताए गए वास्तु उपायों को एक बार जरूर अपनाकर देखें। कोई बड़ी बात नहीं कि सकारात्मक ऊर्जा आपके टूटते रिश्ते को बचा ले।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।