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    दूसरों के पहने हुए जूते इस्तेमाल करना सही या गलत? क्या कहता है वास्तु शास्त्र 

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 08:00 AM (IST)

    वास्तु शास्त्र और भारतीय परंपराओं के अनुसार, दूसरों के पुराने कपड़े और जूते पहनने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है। ...और पढ़ें

    वास्तु के अनुसार किसी के पुराने जूते क्यों नहीं पहनने चाहिए? (Picture Credit: AI Generated)

    वास्तु के अनुसार किसी के पुराने जूते क्यों नहीं पहनने चाहिए? (Picture Credit: AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हममें से ज्यादातर लोग आर्थिक कारण, फैशन या परिवार के सदस्यों के बीच कपड़े और जूते शेयर कर लेते हैं। बड़े भाई-बहन के कपड़े छोटे-भाई-बहन पहन लेते हैं या किसी रिश्तेदार के पुराने कपड़े पहन लिए जाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र और पारंपरिक भारतीय मान्यताओं के मुताबिक ऐसा करने से मानसिक स्थिति और ऊर्जा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    वास्तु शास्त्र के मुताबिक व्यक्ति जिन भी वस्तुओं का इस्तेमाल लंबे समय तक करता है, वे उसके जीवन से जुड़ी आदतों, इमोशंस और एनर्जी से मेल खाने लगती है। इसी वजह से बिना जरूरत के किसी भी अनजान व्यक्ति के पुराने कपड़े या जूते पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर जूते क्योंकि इसे पृथ्वी तत्व से जोड़ा जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जा के संपर्क में सबसे ज्यादा रहता है, इस वजह से जूते और कपड़ों को व्यक्तिगत वस्तु माना जाता है।

    भारतीय परंपराओं में पुराने जूते-कपड़े को लेकर क्या मान्यताएं

    भारतीय धार्मिक परंपरा के अनुसार कपड़ों का दान करना पुण्य का कार्य होता है। लेकिन दान करने से पहले हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि, जो कपड़े हम दान कर रहे हैं, वो साफ और पहनने लायक होने चाहिए। परिवार में बड़े भाई या बहन के कपड़े पहनना सामान्य तौर पर स्वीकार्य माना गया है।

    लेकिन किसी दिवंगत व्यक्ति के कपड़े या जूते का इस्तेमाल करने को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। कई परिवारों में धार्मिक संस्कारों के बाद ही उनका इस्तेमाल या दान करना सही माना जाता है।

    पुराने जूते या कपड़े क्यों नहीं पहनने चाहिए?

    हमें पुराने जूते या कपड़े इसलिए पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि उन वस्तुओं में संबंधित व्यक्ति की ऊर्जा का वास होता है, जो आपकी ऊर्जा पर नकारात्मक प्रभाव दिखाते हैं। इसके अलावा पुराने कपड़े या जूते पहनने या दान करने से पहले कपड़े को नमक वाले पानी में अच्छे से धो लेना चाहिए। ऐसा करने से कपड़े की ऊर्जा खत्म हो जाती है।

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    व्यवहारिक तौर पर समझें तो हमें दूसरों के कपड़े या जूते पहने से बैक्टीरिया, फंगस या स्किन से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस वजह से किसी के पुराने कपड़े या जूते पहनने हों, तो उन्हें अच्छी तरह से साफ करके ही पहनना चाहिए।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी अनजान या दूसरे व्यक्ति के पुराने जूते या कपड़े पहनने से बचना चाहिए। धार्मिक परंपराएं, व्यक्तिगत आस्था और साफ-सफाई तीनों को संतुलित रूप से अपनाना सही माना जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।