एल्यूमिनियम फॉइल ट्रिक: क्या राउटर पर फॉइल लपेटने से सच में बढ़ती है इंटरनेट स्पीड?
सोशल मीडिया पर वायरल वाई-फाई स्पीड बढ़ाने वाले एल्यूमीनियम फॉइल हैक से क्या सच में इंटरनेट की स्पीड बेहतर होती है। ...और पढ़ें

क्या एल्यूमिनियम फॉइल से बढ़ती है वाई-फाई स्पीड?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने का दावा करने वाले हैक्स की आपने रील पर बहुत सी देखी होंगी। ऐसा ही एक हैक रोटी लपेटने वाले एल्यूमिनियम फॉइल को लेकर किया जाता है। यह तरीका रील बनाने वालों के बीच काफी पॉपुलर है। इसमें बताया जाता है कि अगर आपके घर में वाई-फाई स्लो है तो आप राउटर के चारों ओर फॉइल लपेट लें या फिर एल्यूनियम से रिफ्लेक्टर तैयार करें। कुछ में तो वाई-फाई के एंटीना में लपेटने की सलाह दी जाती है।
सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा यह हैक काम करता है या फिर नहीं, हम आपको यहां इसके बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।
कैसे आया एल्यूनियम फॉइल वाला आइडिया?
एल्यूमिनियम से सिग्नल को बूस्ट करने का कॉन्सेप्ट नया नहीं है। यह एक रिफ्लेक्टिव मेटल है। यानी इससे जब कोई सिग्नल टकराता है तो वह वापस दूसरी दिशा में चला जाता है। ठीक वैसे ही जैसे किसी आइने से टकराकर रोशनी दूसरी ओर चले जाती है। हमारे घरों में लगा इंटरनेट राउटर से निकलने वाले सिग्नल इलेक्ट्रोमेग्नेटिक वेव्स होती हैं, जो काफी हद तक किसी लाइट (प्रकाश) की तरह व्यवहार करते हैं। ये किसी सतह से टकरा कर वापस आ जाते हैं, तो कुछ चीजें इन्हें सोख (अवशोषित) लेती हैं और कई बार ये इधर-उधर बिखर भी जाते हैं।

इस कॉन्सेप्ट का प्रयोग करके एल्यूमिनियम फॉइल की मदद से राउटर से निकलने वाले सिग्नलों को निर्धारित दिशा में मोड़कर इन्हें बूस्ट किया जा सकता है। इसे लेकर हुए कुछ प्रयोगों में जब एल्यूमिनियम से बनाए रिफ्लेक्टर्स को सही तरीके से राउटर के पास फिक्स किया गया तो इससे वाई-फाई की स्पीड में मामूली सुधार देखने को मिलता है। इसके बाद से ही यह हैक इंटरनेट पर वायरल हो गया। अब सवाल है कि क्या यह तरीका हमारे घरों में लगे राउटर के वाई-फाई सिग्नल को भी बूस्ट कर सकता है।
क्या एल्यूमिनियम फॉइल से वाईफाई स्पीड बढ़ जाती है?
अगर सीधे शब्दों में इसका जवाब दें तो एल्यूमिनिय फॉइल की मदद से वाईफाई की स्पीड नहीं बढ़ती है। इसके प्रयोग से स्पीड में नाम मात्र की बढ़ोत्तरी होती है। इंटरनेट प्रोवाइडर एशियानेट ने अपने ब्लॉग में बताया है कि एल्यूमिनियम फॉइल से वाई-फाई सिग्नल तभी इंप्रूव होंगे जब दो शर्तें पूरी होंगी।
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- सबसे पहला तो एल्यूमिनियम से बने रिफ्लेटर की शेप बिल्कुल सटीक हो जैसे किसी पैराबोलिक रिफ्लेक्टर (डिश एंटीना) की होती है। यह मुड़ा-तुड़ा नहीं होना चाहिए।
- दूसरा इस रिफ्लेक्टर को कहीं भी रखने से फायदा नहीं होगा। इसे निर्धारित दूरी और सटीक जगह पर ही रखना होगा, ताकि सिग्नल को ठीक से रिफ्लेक्ट किया जा सके।
ऐसा करने से वाई-फाई सिग्नल एक ही दिशा में रिफ्लेक्ट करेंगे। आमतौर पर यूजर चाहते हैं कि उन्हें पूरे घर में वाई-फाई के मजबूत सिग्नल मिलें। वे एक डायरेक्शन में ही वाई-फाई के सिग्नल नहीं चाहते हैं। ऐसे में एल्यूमिनिय फॉइल से सिग्नल एक डायरेक्शन में चले जाते हैं और दूसरे जगहों पर सिग्नल कमजोर हो जाते हैं। यानी अगर आपके लीविंग रूम के डायरेक्शन में सिग्नल रिफ्लेक्ट किए तो संभव है कि बेड रूम या स्टडी रूम के सिग्नल वीक हो जाएंगे।
ऐसे में एल्यूमिनिय फॉइल का यूज करने से घर के वाई-फाई सिग्नल बूस्ट होने की बजाय कमजोर हो सकते हैं। इससे घर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट चलेगा ही नहीं। एल्यूमिनियम फॉइल से रिफ्लेक्ट होकर सिग्नल आपस टकराकर ओवरलैप हो सकते हैं, जिससे नेटवर्क इंटरफेरेंस गड़बड़ और अनस्टेबल हो सकता है। हालांकि, यह जरूर है कि ऐसा करने से इंटरनेट की स्पीड तो नहीं बढ़ेगी, लेकिन कुछ खास दिशा में सिग्नल थोड़े बेहतर हो सकते हैं।
लोगों को क्यों लगता है यह हैक काम करता है?
कई बार जब लोग घर में लगे वाई-फाई राउटर के साथ एल्यूमिनियम वाला हैक करते हैं तो इसके लिए वे अपने राउटर को उठाकर दूसरी जगह रख देते हैं। ताकी वे फॉइल को ठीक से रख पाएं। इससे कवरेज बेहतर हो जाती है। इसके साथ ही राउटर से पावर ऑफ करने से वह रिस्टार्ट हो जाता है। इसकी वजह से कुछ टैंप्रेरी ग्लिच फिक्स हो जाते हैं। इसके साथ ही वाई-फाई नए कनेक्टिविटी के लिए नया चैनल चुन सकता है, जिससे नेटवर्क कंजेशन कम हो जाता है और स्पीड कुछ बेहतर हो जाती है। इससे लोगों को लगता है कि यह सब एल्यूमिनियम फॉइल की वजह से हुआ है।
कैसे बढ़ाए वाई-फाई की स्पीड?
इस तरह के हैक की बजाय वाई-फाई की परफॉर्मेंस को बढ़ाने के उपाय कुछ इस तरह हैं। इनका उपयोग कर आप वाई-फाई की स्पीड इंप्रूव कर सकते हैं।
वाई-फाई को सही जगह पर रखें - कोशिश करें कि राउटर को घर के बीच की लोकेशन पर रखें। इससे सभी दिशाओं में सिग्नल एक जैसे पहुंचेंगे।
डुअल बैंड या वाई-फाई 6 राउटर - अगर आपका राउटर पुराना हो गया है तो नया डुअल-बैंड सपोर्ट करने वाला या वाई-फाई 6 खरीदें। इसमें ज्यादा डिवाइस कनेक्ट करने पर भी स्पीड अच्छी मिलती है।
रुकावट कम करें - ध्यार रखें कि राउटर को ऐसे जगह पर न रखें जहां से सिग्नल को रुकावट हो। राउटर को मोटी दीवारों, माइक्रोवेव और कॉर्डलेस फोन से दूर रखें ताकि सिग्नल कटे नहीं।
राउटर फर्मवेयर अपडेट करें - समय समय पर अपने राउटर के फर्मवेयर के अपडेट करते रहें। इससे राउटर के बग्स फिक्स होंगे और स्पीड में सुधार के साथ-साथ सिक्योरिटी भी बढ़ेगी।
वायर्ड कनेक्शन का इस्तेमाल - टीवी, गेमिंग कंसोल और पीसी पर इंटरनेट कनेक्शन के लिए लैन केबल का इस्तेमाल करें। इससे वाई-फाई पर दबाव कम होगा और फोन में अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी।
प्लान और राउटर अपग्रेड करें - अगर आपके घर में ज्यादा डिवाइस हैं तो हाई स्पीड वाला प्लान लें और राउटर भी नया खरीदें।
कुल मिलकर अगर बात करें तो आपके घर के इंटरनेट की स्पीड सिर्फ वाई-फाई राउटर पर निर्भर नहीं करती है। इंटरनेट की स्पीड ब्रॉडबैंड प्लान, राउटर की क्वालिटी और उससे कनेक्ट डिवाइस की कॉम्पेबिलिटी और सिग्नल कवरेज पर निर्भर करती है। ऐसे हैक्स की मदद से भले इंटरनेट स्पीड कुछ समय के लिए तो बढ़ सकती है, लेकिन ये भरोसेमंद और व्यवहारिक तरीका बिलकुल भी नहीं है।