Vi और Meta का बड़ा कमाल! अब बिना पासवर्ड और OTP के लॉग-इन होंगे WhatsApp, Instagram और Facebook
वोडाफोन आइडिया (Vi) ने मेटा के साथ मिलकर भारत में 'साइलेंट मोबाइल वेरिफिकेशन' (SMV) नाम से एक नेटवर्क-बेस्ड ऑथेंटिकेशन सिस्टम पेश किया है। ...और पढ़ें
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Vi यूजर्स के लिए आया 'Silent Mobile Verification' फीचर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Vi यानी वोडाफोन इंडिया (Vodafone India) ने भारत में 'साइलेंट मोबाइल वेरिफिकेशन' (SMV) नाम का एक नया नेटवर्क-बेस्ड वेरिफिकेशन मेथड लॉन्च करने के लिए Meta के साथ पार्टनरशिप की है। इस नए प्रोटोकॉल का ऐम इंस्टाग्राम, वॉट्सएप और फेसबुक समेत मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऑनबोर्डिंग (रजिस्ट्रेशन और लॉग-इन) प्रोसेस को ज्यादा सुरक्षित और 'सीमलेस' बनाना है। साथ ही कुछ मैनुअल स्टेप्स को हटाकर इस प्रोसेस को फास्ट-ट्रैक करना है। ये नेटवर्क-बेस्ड वेरिफिकेशन टेक्नोलॉजी पासवर्ड-लेस लॉग-इन को इनेबल करती है और इसके साथ ही यूजर्स को इसके लिए OTP रिक्वेस्ट करने की जरूरत को भी खत्म कर देती है। इसके अलावा, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर का दावा है कि SMV सब्सक्राइबर की डिजिटल आइडेंटिटी को फिशिंग अटैक्स और दूसरे खतरों से बेहतर सेफ्टी देगा।
Vi का SMV प्रोटोकॉल वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर करेगा काम
गुरुवार को, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर और मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व वाली टेक दिग्गज कंपनी ने भारत में Vi की नई SMV टेक्नोलॉजी को पेश किया। जल्द ही, देश में Vi सब्सक्राइबर्स सिर्फ अपना फोन नंबर एंटर करके WhatsApp, Facebook और Instagram पर लॉग-इन कर सकेंगे।
SMV टेक्नोलॉजी के साथ, मेटा के सोशल मीडिया एप्स ऑथेंटिसिटी को कंफर्म करने के लिए Vi के सेलुलर नेटवर्क पर एक वेरिफिकेशन सिग्नल भेजेंगे। एक बार वेरिफाई होने के बाद, यूजर बिना पासवर्ड या OTP डाले सोशल मीडिया एप में लॉग-इन कर सकेंगे। हालांकि, अगर एप इसे वेरिफाई नहीं कर पाता है, तो वह यूजर को एक्सेस देने से इनकार कर देगा।
Vi का दावा है कि SMV प्लेटफॉर्म पर नए यूजर्स के रजिस्ट्रेशन, मोबाइल नंबर्स के वेरिफिकेशन, लॉग-इन और री-लॉग-इन प्रोसेस, अकाउंट रिकवरी और सिक्योरिटी चेक के दौरान ऑथेंटिकेशन को भी फास्ट-ट्रैक करेगा। मिली जानकारी के मुताबिक ये सिक्योरिटी प्रोटोकॉल बैकग्राउंड में काम करेगा।
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ये यूजर्स को अपने वेरिफिकेशन क्रेडेंशियल्स को मैनुअली एंटर करने की जरूरत को खत्म करता है। Vi सब्सक्राइबर्स को ऑथेंटिकेशन के लिए अलग-अलग ऐप्स के बीच स्विच नहीं करना पड़ेगा या वेरिफिकेशन मैसेजेस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट को सीधे टेलीकॉम नेटवर्क के जरिए वैलिडेट किया जाता है। इस नेटवर्क-बेस्ड वेरिफिकेशन प्रोटोकॉल के बारे में ये भी दावा किया गया है कि ये बेहतर सेफ्टी ऑफर करता है, क्योंकि क्रेडेंशियल्स और OTP कभी भी यूजर द्वारा एंटर नहीं किए जाते हैं।
इसके अलावा, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर ने इस बात पर जोर दिया कि SMV 'फशिंग और डिजिटल आइडेंटिटी रिस्क' के खिलाफ ज्यादा सुरक्षा देगा। आगे बढ़ते हुए, Vi ने घोषणा की कि वह SMV को और ज्यादा प्लेटफॉर्म्स और 'इकोसिस्टम पार्टनर्स' के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसी तरह, कंपनी का इरादा 'बेहतर ऑथेंटिकेशन, फ्रॉड प्रिवेंशन और इंटेलिजेंट रिस्क-बेस्ड वेरिफिकेशन सॉल्यूशन्स' के लिए भी SMV टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का है।