'घुटनों के बल बैठकर माफी मांगे सिपाही, पूर्व फौजी हैं पति': आगरा में उप स्टेशन प्रबंंधक से मारपीट में पत्नी का आक्रोश
उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने पति के साथ आरपीएफ जवानों द्वारा मारपीट के बाद सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि प ...और पढ़ें

आगरा: उप स्टेशन प्रबंधक की पत्नी हरेंद्री चाहर इंटरनेट मीडिया
HighLights
हरेंद्री चाहर ने पति पर मारपीट के लिए आरपीएफ से माफी मांगी।
पूर्व फौजी पति के साथ हुए दुर्व्यवहार से पत्नी बेहद आक्रोशित।
सम्मान न मिलने पर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की धमकी दी।
जागरण संवाददाता, आगरा। उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर पति के साथ हुई मारपीट की घटना से बेहद आक्रोशित थीं। घटना की जानकारी होने पर उन्होंने आरपीएफ जवानों को पति से घुटनों पर बैठकर माफी मांगने की कहा था। हरेंद्री चाहर का वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो रहा है।
इस वीडियो में हरेंद्री चाहर कह रही हैं कि मेरे पति फौजी रहे हैं, आरपीएफ जवानों ने उनके साथ आतंकी जैसा व्यवहार किया। अब उन्हें न्याय नहीं बल्कि उनका सम्मान भी वापस चाहिए। जिन आरपीएफ जवानों ने पति से मारपीट की और घसीटा, वह सार्वजनिक रूप से घुटनों के बल पर बैठकर माफी मांगे। उनका कहना था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगी।
उप स्टेशन प्रबंधक की थी पिटाई
मर्यादा, अनुशासन, कानून, सब एक पल में तार-तार। वर्दी धारण किए हुए रेलवे सुरक्षा बाल (आरपीएफ) के जवान एक झटके में खाकी की गरिमा भूल गए। सुरक्षा सेवाओं में चयनित होने वाले हर जवान को सबसे पहले पाठ ही अनुशासन का पढ़ाया जाता है। कर्तव्य की शपथ के साथ मर्यादा भी सिखाई जाती है। चाहे कुछ हो जाए...उच्च पद पर आसीन अधिकारी के आदेश का पालन करना ही फर्ज है।
नियम-कानून आरपीएफ कर्मी सब भूले
कानून के दायरे में रहना ही है। तन पर वर्दी धारण करने के साथ नियम रूपी ये वचन भी मन में अपने आप ही हर जवान में मन में वास कर जाते हैं। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ कर्मी पलभर में सब भूल गए और अधिकारी से मारपीट कर डाली। मारपीट ही नहीं, प्लेटफार्म पर घसीटते हुए अधिकारी का जुलूस तक निकाल डाला। जांच कमेटी की रिपोर्ट में शायद इस घटना के पीछे छिपा कोई अलग सच भी सामने आए।
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बहरहाल, आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना पूरे देश में सुर्खियों में छाई हुई है। सवाल ये उठ रहा है कि आरपीएफ जवान, जब एक रेलवे अधिकारी के साथ ऐसा कर सकते हैं तो साधारण यात्रियों के साथ इनका बर्ताव कैसा होगा? मारपीट की घटना से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया है।
स्टेशन निदेशक से लगाई बचाने की गुहार
इस वीडियो में डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर, आरपीएफ जवानों के गुस्से से बचने के लिए स्टेशन निदेशक संतोष कुमार त्रिपाठी से चिपट जाते हैं, गुहार लगाते हैं...सर मुझे बचाइए। संतोष कुमार त्रिपाठी, भड़के हुए जवानों को रोकने का प्रयास करते हुए वीडियो में नजर आ रहे हैं। लेकिन जवानों के सिर पर तो गुस्से का ऐसा भूत सवार था कि वे एक नहीं सुनते और नरेंद्र सिंह चाहर को फिर खींचने लगते हैं।
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संतोष त्रिपाठी आगरा कैंट स्टेशन के सर्वोच्च अधिकारी
इस खींचतान में नरेंद्र सिंह चाहर के साथ संतोष त्रिपाठी भी खिंचे चले जाते हैं। जबकि पद के अनुसार देखा जाए तो संतोष त्रिपाठी आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के सर्वोच्च अधिकारी हैं। जवानों ने उनकी बात को भी नजरअंदाज कर दिया। किसी और की कही-सुनी बात पर विश्वास न किया जाए और स्टेशन प्लेटफार्म पर हुई इस घटना में अब तक वायरल हो चुके तमाम वीडियो को ही आधार बनाया जाए तो प्रथम दृष्टया तो आरपीएफ जवानों की ही गलती नजर आती है।
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चेन पुलिंग के मामले रोजाना आते हैं सामने
हालांकि इसे हीराकुंड एक्सप्रेस में चेन पुलिंग के बाद उपजा विवाद ठहराया जा रहा है। लेकिन चेन पुलिंग के मामले तो रोजाना ही स्टेशन पर होते हैं। सिर्फ एक इसी छोटी सी घटना को लेकर स्टेशन पर स्टाफ के बीच मर्यादाएं नहीं टूट सकतीं। परदे के पीछे कोई ऐसा कारण भी सामने आएगा, जिसमें यह हो सकता है कि आपस में शोले पहले से भड़क रहे हों और चेन पुलिंग की आड़ में ये एक बड़े धमाके का रूप ले गए।