आगरा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापा, ई-कामर्स की आड़ में कई राज्यों में चल रही थी साइबर ठगी
आगरा के ताजगंज में ई-कॉमर्स की आड़ में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छापा मारकर दो युवतियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया, ...और पढ़ें

ताजगंज के आरके पुरम में फर्जी काल सेंटर पर कार्रवाई करती पुलिस।
HighLights
आगरा में फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा।
ई-कॉमर्स की आड़ में साइबर ठगी का खेल।
दो युवतियों सहित चार लोग गिरफ्तार किए गए।
जागरण संवाददाता, आगरा। ताजगंज के बसई चौकी क्षेत्र स्थित आरके पुरम के पास एक अपार्टमेंट में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। ई-कॉमर्स कारोबार की आड़ में साइबर अपराधियों के साथ मिलकर ठगी का खेल चल रहा था।
शनिवार की रात साढ़े दस बजे पुलिस ने फ्लैट पर छापा मारकर दो युवतियों समेत चार लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। कई राज्यों में धोखाधड़ी की शिकायतें मिलने के बाद साइबर क्राइम थाने और सेल की टीम कॉल सेंटर की तीन दिन से रेकी कर रही थी।
आरके पुरम के पास अपार्टमेंट के पास चार मंजिला इमारत में दस फ्लैट हैं। जिसमें बेसमेंट और भूतल पर दुकानें हैं। बाकी दो तल पर फ्लैट बने हुए हैं। चार वर्ष पहले सदर के राजपुर चुुंगी निवासी अरविंद ने प्रथम तल पर फ्लैट लिया था। भवन मालिक को अरविंद ने ई-कॉमर्स का काम बताया था।
कार्यालय में काम करने के लिए दो युवतियां और दो युवक रखे थे। जिनका काम लोगों को कॉल करना था। बताते हैं करीब दो वर्ष से ई-कॉमर्स के नाम पर साइबर अपराधियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी और ठगी का खेल शुरू किया गया था।
एक दर्जन से अधिक राज्याें में लोगों के साथ धोखाधड़ी की शिकायतें साइबर क्राइम थाने को मिलीं। यह सारे कॉल आगरा से किए गए थे। युवक-युवतियाें द्वारा कॉल करके लोगों को जाल में फंसाया जाता था। विभिन्न योजनाओं में निवेश का लालच देकर ठगी की जा रही थी।
खबरें और भी
साइबर क्राइम थाना और सेल की पुलिस ने छानबीन शुरू की तो ताजनगरी में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने का पता चला। जिसके बाद शनिवार कर रात पुलिस ने अपार्टमेंट की घेराबंदी करके फ्लैट से दो युवक और युवतियों को हिरासत में ले लिया। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि पकड़ें गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। कई राज्यों में धोखाधड़ी करने की बात सामने आयी है।
फ्लैट से कॉल करने वालों की सूची बरामद
पुलिस को फ्लैट से बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की सूची मिली है, जिनके साथ कॉल करके ठगी की गयी थी। कॉल करने का काम युवतियों द्वारा किया जाता था। जिससे कि दूसरी ओर से कॉल रिसीव करने वाले को आसानी से जाल में फंसाया जा सके।
अलग-अलग राज्यों की है सूची
ई-कॉमर्स के नाम पर धोखाधड़ी का नेटवर्क कई राज्याें तक फैला था। युवक और युवतियाें द्वारा एक दिन में 400 से अधिक लोगों को कॉल किया जाता था। शिकार फंसने पर उसके खाते से रकम जमा कराने के लिए साइबर अपराधियों द्वारा खाते उपलब्ध कराए जाते थे।