CM योगी ने शुरू की शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, यूपी में उच्च शिक्षा के 1.28 लाख टीचर्स सहित 10 लाख को मिलेगी सुविधा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के 10 लाख शि ...और पढ़ें

योजना का प्रतीकात्मक कार्ड देते सीएम योगी आदित्यना। फोटो क्रेडिट: अमित शिवहरे।
HighLights
सीएम योगी ने आगरा में योजना का किया शुभारंभ।
10 लाख शिक्षकों, कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज।
पंजाब नेशनल बैंक से हुआ एमओयू, सामाजिक सुरक्षा।
जागरण संवाददाता, आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसरों को मुख्यमंत्री ने कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड दिए। सीएम ने कहा कि आज मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेश कार्ड देने पर बहुत खुशी हो रही है। सभी को हृदय से बधाई देता हूं। सभी महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को जोड़कर 10 लाख लोगों को इसमें कवर किया जा रहा है।
सीएम ने कहा, यह योजना उच्च शिक्षा मंत्री के गृह जनपद से शुरू की जा रही है। पंजाब नेशनल बैंक से एमओयू किया गया है, जो आपको सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देगा। पंजाब नेशनल बैंक के जीएम और उच्च शिक्षा विभाग के बीच एमओयू साइन हुआ है।
सीएम ने कहा बेहतरीन सुविधा है, जिससे अब तक हमारे शिक्षक लाभान्वित नहीं थे। किसी के सामने इस प्रकार की घटना न हो। किसी को हॉस्पिटल न जाना पड़े। दुर्घटना का शिकार न होना पड़े, ये हम ईश्वर से प्रार्थना करेंगे। मगर, व्यवस्था है। घटनाएं दुर्घटनाएं बोलकर नहीं आतीं। कोई भी इसकी चपेट में आ सकता है। उस समय उसका परिवार असहाय महसूस न करे। उसे लगे कि शासन, बैंकर उसके साथ खड़े हैं। ऐसा उसे महसूस हो। राज्य सरकार आपको सामाजिक सुरक्षा की गारंटी उपलब्ध करा रही है।

सीएम योगी व उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय दाएं सांसद राजकुमार चाहर
शिक्षक का स्थान सर्वोच्च रहा है
मुख्यमंंत्री ने कहा, आप सब शिक्षक की भूमिका जानते हैं। उनका स्थान प्राचीन काल से सर्वोच्च रहा है। सामान्य जीवन हो, गुरुकुल हो। गुरु का विशिष्ट महत्व रहा है। भारत से ज्यादा इसे कौन जानता है। तक्षशिला, नालंदा विश्वविद्यालय इसके उदाहरण हैं। तक्षशिला विश्वविद्यालय की कथा याद आती है। पाकिस्तान में स्थित तक्षशिला अभिभाजित भारत का हिस्सा। श्रीराम के भाई भरत के बेटे तक्ष के नाम पर तक्षशिला बना।वहां पर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के बारे में ज्ञान दिया जाता था।
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पेपर की खबर पर आज भी भरोसा करते हैं
सीएम ने कहा कि हम न्यूज पेपर की खबर पर पहले विश्वास करते थे। देश की आजादी के आंदोलन में जनचेतना को जागृत करने में बड़ी भूमिका निभाई। जवाबदेही भी है। अगर कोई गलत न्यूज दे रहा है तो रिपोर्टर और एडिटर का नाम भी पता है। आज भी भरोसा करते हैं। मगर, सोशल मीडिया पर एक अकाउंट बनाकर समाज में विद्वेष पैदा कर सकता है। सही जानकारी के अभाव में पूरा सिस्टम अव्यवस्था और अराजकता का शिकार बन जाता है। इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ता है।
वर्तमान को भी और भविष्य को भी। अगर दोनों को सही बनाना है तो छात्रों को अनुशासन और आत्मअनुशासन के बारे में भी बताना होगा। सोशल मीडिया, एआई आज की आवश्यकता है। इससे मुंह नहीं मोड़ सकते, लेकिन अपने लिए कल्याणकारी कैसे बना सकें। देश के लिए कैसे उपयोगी बना सकें। यह समझना होगा। छात्रों को अवगत कराइए कि सच क्या है? झूठ क्या है?
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पढ़ने और पढ़ाने की आदत पुख्ता करनी होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुमनाम लोग हैं, उनके बारे में लोगों को बताएं। उनसे दूरी बनानी होगी। न्यूनतम समय हम उस पर खर्च करें। ज्यादा समय न दें। सही तथ्यों की जानकारी लेनी है तो उसके लिए फिर से पढ़ने और पढ़ाने की आदत पुख्ता करनी होगी। लाइब्रेरी जाना पड़ेगा। रेफरेंस बुक पढ़नी होंगी। ये बताएंगे तो देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा। किसी भी कार्य के लिए गूगल देखते हैं। जो तथ्य वहां दिए हैं, वे सारे सही थोड़े ही हैं। कौन इसे ठीक करेंगेा? शिक्षकों को आगे आना होगा।